अमृतसर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था पर इंजीनियर पवन शर्मा का विरोध, अवैध कट्स को लेकर उठाई आवाज

अमृतसर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था पर इंजीनियर पवन शर्मा का विरोध, अवैध कट्स को लेकर उठाई आवाज

अवैध कट पर खडे होकर रोष जताते हुए इंजीनियर पवन शर्मा। - Dainik Bhaskar
अवैध रास्तों से रोजाना हो रही दुर्घटनाएं, पवन शर्मा बोले – “अगर अब भी नहीं जागा प्रशासन, तो हालात होंगे और भी जानलेवा”

अमृतसर। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह अव्यवस्थित और खतरनाक होती जा रही है। अवैध कट्स और अव्यवस्थित मार्गों के कारण रोजाना सड़क हादसे हो रहे हैं और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों द्वारा डिवाइडर तोड़कर बनाए गए अवैध रास्ते अब बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।

इस गंभीर समस्या को लेकर अमृतसर निवासी इंजीनियर पवन शर्मा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने लॉरेंस रोड पर पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।

पवन शर्मा की चेतावनी:

पवन शर्मा ने कहा,

“मैं रोज़ देखता हूं कि कैसे लोग जान जोखिम में डालकर इन अवैध कट्स से गुजरते हैं। ये ना सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि लोगों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ भी हैं।”

उन्होंने बताया कि शहर के कई संवेदनशील इलाकों — जैसे स्कूल, अस्पताल और व्यस्त चौराहे — पर जहां सुरक्षित और चिह्नित कट्स होने चाहिए, वहां कुछ भी व्यवस्थित नहीं है। वहीं दूसरी ओर, अनधिकृत जगहों पर बिना किसी ट्रैफिक नियंत्रण या संकेतक के कट्स बना दिए गए हैं।

दुर्घटनाएं और आपात सेवाओं पर असर:

इन अव्यवस्थाओं के चलते ना सिर्फ आम राहगीर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं — जैसे एम्बुलेंस और पुलिस वाहनों — को भी घटनास्थल तक समय पर पहुंचने में भारी दिक्कत हो रही है।

राष्ट्रीय सन्दर्भ में चिंता बढ़ी:

भारत में सड़क नेटवर्क तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में भी तेजी से इज़ाफा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में हर 3 मिनट में एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना में जान गंवा रहा है। ऐसे में अवैध कट्स और लापरवाह ट्रैफिक प्रबंधन स्थिति को और भी भयावह बना रहे हैं।

प्रशासन से मांग:

पवन शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि:

  • सभी अवैध कट्स को तत्काल बंद किया जाए।

  • जरूरत के मुताबिक़ सुरक्षित और मान्य ट्रैफिक कट्स स्थापित किए जाएं।

  • ट्रैफिक पुलिस की निगरानी हर संवेदनशील क्षेत्र में सुनिश्चित की जाए।

  • आम जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।

Leave a Comment

और पढ़ें