BSF जवान PK साहू अब भी पाकिस्तानी रेंजर्स की गिरफ्त में, रिहाई पर टालमटोल जारी
चार दिन, तीन फ्लैग मीटिंग और अब भी जवान की वापसी अधर में
फिरोजपुर/कोलकाता: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के ठीक एक दिन बाद पंजाब के फिरोजपुर जिले में भारत-पाक सीमा पर तैनात बीएसएफ (BSF) के जवान पीके साहू पाकिस्तान की हिरासत में चले गए। अब चार दिन बीत जाने के बाद भी जवान की रिहाई नहीं हो सकी है, जबकि इस मसले पर भारत और पाकिस्तान के बीच तीन बार फ्लैग मीटिंग हो चुकी हैं।
कैसे हुआ घटनाक्रम? 23 अप्रैल को बीएसएफ की 24वीं बटालियन के जवान खेतों में किसानों की सुरक्षा के लिए ममदोट सेक्टर में तैनात थे। इस दौरान पीके साहू की तबीयत अचानक बिगड़ी और वे पास के एक पेड़ के नीचे बैठने चले गए, जो जीरो लाइन के पार यानी पाकिस्तान की तरफ था। इसी दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया और उनका हथियार भी छीन लिया।
BSF ने तुरंत शुरू की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पाक रेंजर्स से बातचीत की। उन्हें बताया गया कि जवान को हाल ही में ट्रांसफर किया गया था और उसे जीरो लाइन की जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद पाकिस्तान की ओर से कोई राहत नहीं दी गई। अब तक तीन फ्लैग मीटिंग हो चुकी हैं लेकिन नतीजा सिफर रहा है।
पाक रेंजर्स बोले – “हाई कमांड से निर्देश नहीं मिले” पाकिस्तानी रेंजर्स का कहना है कि जब तक उन्हें अपने हाई कमांड से निर्देश नहीं मिलते, वे जवान को रिहा नहीं कर सकते। इस टालमटोल से भारत की चिंता और गहरी हो गई है।
परिवार की हालत बेहद खराब कोलकाता के हुगली जिले के रहने वाले पीके साहू के घर पर गहरा मातम छाया हुआ है। उनकी पत्नी रजनी साहू ने कहा, “मैंने उनसे मंगलवार रात आखिरी बार बात की थी। बस अब यही दुआ है कि वह सुरक्षित लौट आएं।” उनके पिता भोलेनाथ साहू और मां देबंती देवी ने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि “बेटा किसी भी हालत में सही-सलामत वापस आ जाए, कृपया उसे किसी तरह की यातना न दी जाए।”
BSF DG और गृह सचिव के बीच चर्चा बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल दलजीत सिंह चौधरी ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन से मुलाकात कर मामले को उच्च स्तर पर उठाया है। उम्मीद है कि भारत सरकार राजनयिक माध्यमों से दबाव बनाकर जवान की जल्द रिहाई सुनिश्चित करेगी।