लखेश्वर यादव/ जांजगीर चांपाः- अगर आपको बेटे या बेटी की शादी करनी है, तो ये सवाल जरूर पूछ लीजिए कि किसकी कितनी उम्र है. लड़की की शादी 18 साल में और लड़के के शादी 21 साल में करना जायज है और इससे कम उम्र में शादी करना बाल विवाह के अंतर्गत आता है. कम उम्र मे शादी करना आपको भारी भी पड़ सकता है और जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है.
बाल विवाह करना अपराध है और बाल विवाह रोकने के लिए कड़े कानून बने हैं. लेकिन आज भी लोग अपने नाबालिग बच्चों को विवाह के बंधन में बांधकर कानून को ठेंगा दिखाने से बाज नहीं आते हैं. बाल विवाह का मामला आज भी ग्रामीण और शहरी स्लम एरिया में देखने को मिल जाते हैं. इस सम्बंध में लोकल18 ने सम्बंधित अधिकारी ने बात की, आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा.
मौके पर पहुंच रहे हैं अधिकारी
जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने गजेंद्र जायसवाल ने बाल विवाह के सम्बंध में बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार और जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन पर जांजगीर चांपा जिले के अन्तर्गत कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर परिवार वालों को रोका जा रहा है. परिवारवालों को समझाकर स्थानीय लोगों की उपस्थिति में बालक के माता-पिता की सहमति से बालिक का विवाह रोका जाता है.
उन्होंने कहा कि जांजगीर चांपा जिले में पिछले वित्तीय वर्ष 19 बाल विवाह रोके गए थे. इस वित्तीय वर्ष में 03 बाल विवाह को रोका गया है. विभाग द्वारा राम नवमी और अक्षय तृतीया को विवाह ज्यादा होता है. इनमें बाल विवाह होने के चांस ज्यादा होते हैं, जिसको ध्यान में रखकर टीम तैयार की गई है. जब भी विवाह का शुभ लग्न होता है और कहीं शादी होती है, तो इस बात का ध्यान रखा जाता है कि लड़की की उम्र 18 और लड़के की उम्र 21 वर्ष के कम न हो.
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बाल विवाह करने पर सजा का है प्रावधान
जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र जायसवाल ने Local18 को आगे बताया कि जिला प्रशासन द्वारा अपील भी का जा रही है कि बाल विवाह न करें. यदि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह करता है, तो उसकी जानकारी जिला महिला एवं बाल विकास विभाग को दें. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत विवाह के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष तथा लड़के की उम्र 21 वर्ष निर्धारित है.
निर्धारित उम्र से कम होने की स्थिति में बाल विवाह करने पर पुलिस विभाग द्वारा अपराध पंजीबद्ध करते हुए विवाह करने वाले माता-पिता, विवाह में सम्मिलित होने वाले रिश्तेदार और विवाह से संबंधित टेंट प्रभारी डीजे प्रभारी, हलवाई, केटरिन प्रभारी, विवाह कराने वाले पंडित के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी. बाल विवाह के अधिनियम के तहत 02 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास तथा 01 लाख के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है.
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FIRST PUBLISHED : May 3, 2024, 13:32 IST










