ED की 72 घंटे की रेड में 11 स्थानों पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी, लग्जरी कार और 3 लाख रुपये कैश जब्त
पंजाब की जालंधर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) टीम ने पंजाब-हरियाणा और मुंबई में 17 से 20 जनवरी तक मनी लॉन्ड्रिंग केस में 72 घंटे लंबी रेड की। इस दौरान गुरुग्राम, पंचकूला, जींद, मोहाली और मुंबई में स्थित 6 कंपनियों, जिनमें व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज और बिग बॉय टॉयज शामिल हैं, से 2 लग्जरी कारें और 3 लाख रुपये कैश जब्त किए गए।
ED ने बताया कि इन कंपनियों के ऑफिस और घरों में छापे मारे गए, जिनमें व्यूनाउ इंफ्राटेक लिमिटेड, बिग बॉय टॉयज, मंडेशी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, प्लैंकडॉट प्राइवेट लिमिटेड, बाइटकैनवास एलएलपी, स्काईवर्स, स्काईलिंक नेटवर्क और संबंधित संस्थाओं के परिसर शामिल थे।
व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड के खिलाफ जांच
व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत रेड की गई। रेड के दौरान एक लैंड क्रूजर (2.20 करोड़), मर्सिडीज जी-वैगन (4 करोड़), 3 लाख रुपये कैश, आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस समेत कई सामान जब्त किए गए।
निवेशकों से झांसा देने का मामला
ED की शिकायत के बाद नोएडा पुलिस ने BNS 2023 के तहत मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड और अन्य कंपनियों ने निवेशकों से ज्यादा रिटर्न का वादा किया था, जबकि उनके पास इस व्यापार मॉडल के लिए कोई इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं था। इनकम से लग्जरी वाहन खरीदी गईं और शेल कंपनियों के माध्यम से पैसे का रूट बदलकर संपत्तियों में निवेश किया गया।
इससे पहले, PMLA, 2002 के तहत 26 नवंबर 2024 को भी इन कंपनियों के विभिन्न परिसरों में तलाशी ली गई थी।