Jabalpur Blast: कबाड़ से शुरू किया बिजनेस, 24 FIR, लंबी क्राइम हिस्ट्री, जानें कौन है जबलपुर को दहलाने वाला शमीम

जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर के खजरी खिरिया बाईपास स्थित रजा मेटल इंडस्ट्रीज में जांच के दौरान कई और विस्फोटक भी मिले हैं, जिन्हें जिला पुलिस की बीडीडीएस टीम ने डिफ्यूज किया है. जानकारी के मुताबिक अभी भी गोदाम में कई ऐसे विस्फोटक बॉम्ब शेल्स हैं, हालांकि ये सभी innerd shells यानी खाली खोखे हैं. पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि जिला पुलिस के साथ एनआईए और एनएसजी की टीम की जांच अभी जारी है. कबाड़खाना गोदाम के मालिक शमीम कबाड़ी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है.

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक शमीम कबाड़ी का बेटा फहीम और बिजनेस पार्टनर सुल्तान गिरफ्तार हो चुका है और उन मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है लेकिन जांच में आय तथ्यों को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. गौरतलब है कि इस ब्लास्ट में दो मजदूरों की मौत हुई थी. इसके बाद से मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है.

कौन है शमीम कबाड़ी 

जबलपुर के अधारताल में रहने वाला शमीम कबाड़ी उर्फ हाजी मोहम्मद शमीम रजा करीब 35 सालों से कबाड़ का व्यवसाय कर रहा है. शमीम ने भारी वाहनों के कबाड़ से शुरू किए व्यवसाय को आर्मी और एयरपोर्ट के कबाड़ तक फैला लिया. इस दौरान शमीम का शहर के साथ देशभर के कई उद्योगपतियों, नेताओं और अधिकारियों से संपर्क बनाए. विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक शमीम ने अपने कारोबार का विस्तार करने के दौरान हर तरह के अपराधों को अंजाम दिया जिसमें कई नामचीन अधिकारियों और नेताओं ने उसे संरक्षण दिया. पुलिस के मुताबिक शमीम कबाड़ी के खिलाफ जबलपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, सागर जिले में 24 एफआईआर दर्ज है. 1995 में उसके खिलाफ धोखाधड़ी की पहली एफआईआर गोहलपुर थाने में दर्ज हुई थी. इसके बाद वह लगातार आपराधिक गतिविधियाें में लिप्त रहा.

चोरी, डकैती, रेल संपत्ति की चोरी, आपराधिक षडयंत्र जैसे मामलों में पुलिस उसे आरोपित बना चुकी है. उसके खिलाफ जबलपुर के गोहलपुर थाना में धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट, सट्टा एक्ट, लूट तथा सिविल लाइन में धोखाधड़ी, आरपीएफ थाना जबलपुर में आरपीएफ एक्ट के कई मामले, उमरिया जिला के पाली थाना में चोरी, आरपीएफ एक्ट, धोखाधड़ी, टेलीग्राफ एक्ट के छह प्रकरण, सागर के बहेरिया थाना में चोरी के दो प्रकरण, कटनी के आरपीएफ थाना में आरपीएफ एक्ट, नरसिंहपुर के गोटेगांव थाना में डकैती, चोरी, आपराधिक षडयंत्र, जबलपुर के अधारताल थाना में ईसी एक्ट, चोरी, धमकी आदि घटनाओं की एफआईआर दर्ज की गई थी. बताया जा रहा है कि ब्लास्ट के बाद शमीम कबाड़ी अपने गोदाम में भी पहुंचा था और कुछ देर बाद मौके से फरार हो गया.

गौरतलब है कि जबलपुर में कभी सिमी के आतंकवादियों का भी तगड़ा नेटवर्क था, हालांकि अब यह नेटवर्क पूरी तरह से खत्म हो चुका है, लेकिन जांच एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही है और शमीम के पकड़े जाने के बाद कई और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

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FIRST PUBLISHED : May 1, 2024, 17:33 IST

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