
परनीत कौर, सिमरनजीत मान, रवनीत बिट्टू, हरसिमरत कौर, प्रेम सिंह चंदूमाजरा
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पंजाब के लोकसभा चुनाव में सभी सीटों पर नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद अब चुनावी गतिविधियां ने और जोर पकड़ लिया है। राजनीतिक दलों ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है, जो अगले कुछ दिनों में सभी लोकसभा क्षेत्र में दस्तक देना शुरू कर देंगे।
शिरोमणि अकाली दल से प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा तीन बाद लोकसभा में एंट्री कर चुके हैं और इस बार जीत का चौका लगाने के आस में वह आनंदपुर साहिब से चुनाव लड़ रहे हैं। शिअद से ही पंजाब प्रधान सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर, लुधियाना से भाजपा प्रत्याशी रवनीत सिंह बिट्टू और शिअद अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान भी चौथी बार जीत दर्ज करने की उम्मीद के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन इन सभी धुरंधरों की राह आसान नहीं रहने वाली है, क्योंकि इनके सामने से चुनौती देने के लिए भी दिग्गज ही चुनाव मैदान में उतरे हैं। यही कारण है कि इन प्रत्याशियों की सीटों पर मुकाबला कड़ा रहने वाला है।
आनंदपुर साहिब से चौथी बार मैदान में चंदूमाजरा
आनंदपुर साहिब से शिअद प्रत्याशी चंदूमाजरा 1996 में पटियाला सीट पर संत राम सिंगला को हराकर ग्यारहवीं लोकसभा के लिए चुने गए थे। 1998 लोकसभा चुनाव में उन्होंने इसी सीट पर कैप्टन अमरिंदर सिंह को मात दी थी। वर्ष 2014 चुनाव में उन्होंने आनंदपुर साहिब से लड़ा था और यहां अंबिका सोनी को 23,697 मतों के अंतर से हराया था। अब चौथी जीत की आस के साथ वह चुनाव मैदान में उतरे हैं। यहां उनका मुकाबला कांग्रेस के विजय सिंगला से होगा। सिंगला 2009 में संगरूर से सांसद और 2017 में विधायक रह चुके हैं। इसी तरह भाजपा ने यहां पंजाब पार्टी उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा और आम आदमी पार्टी ने पंजाब प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग को चुनाव मैदान में उतारा है, इसलिए चौकाना मुकाबला होने के चलते इस सीट पर भी कड़ी टक्कर होने वाली है।
सिमरनजीत मान इस बार फिर संगरूर से जीत की आस में
इसी तरह शिअद अमृतसर से सिमरनजीत सिंह मान भी एक बार फिर से संगरूर सीट से ही चुनाव मैदान में उतरे हैं। 1989 लोकसभा चुनाव उन्होंने तरनतारन सीट से जीता था, लेकिन इसके बाद 1999 और 2022 उप चुनाव में संगरूर सीट से ही जीत दर्ज की थी। उप चुनाव में उन्होंने आप के गुरमेल सिंह को हराया था। संगरूर लोकसभा सीट इस समय सबसे हॉट सीट बनी हुई है, क्योंकि इस सीट पर सभी दलों ने धाकड़ नेताओं को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने विधायक सुखपाल खैरा, आप ने कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर, शिअद ने पूर्व विधायक इकबाल सिंह झूंडा और भाजपा ने हिंदू चेहरे पूर्व विधायक अरविंद खन्ना पर दांव खेला है। यही कारण है कि मान के लिए चौथी बार जीत दर्ज करना आसान नहीं रहने वाला है। इस सीट के नतीजे भी दिलचस्प रहने वाले हैं।
तीन बार चुनाव जीत चुकी हरसिमरत भी चौथी बार मैदान में
इसी तरह शिअद प्रत्याशी हरसिमरत कौर बादल तीन बार जीतकर संसद पहुंच चुकी है। वह चौथी बार जीत दर्ज करने की आस के साथ मैदान में उतरी हैं। उन्होंने वर्ष 2009 लोकसभा चुनाव से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। तब बठिंडा सीट पर उन्होंने चुनाव में रनिंदर सिंह 1,20,960 वोटों से हराया था। 2014 चुनाव में भी उन्होंने अपनी जीत जारी रखी थी और मनप्रीत बादल को मात दी थी।
इसी तरह बठिंडा सीट से ही 2019 में वह तीसरी बार जीत दर्ज करके संसद पहुंची थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को 21,000 मतों से हराया था। इस बार भी बठिंडा सीट पर भी कांटे की टक्कर है। शिअद का गढ़ माने जाने वाले बठिंडा में हरसिमरत के सामने आप से कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, भाजपा से पूर्व आईएएस परमपाल कौर सिद्धू और कांग्रेस ने जीत मोहिंदर सिंह सिद्ध़ृ को चुनाव मैदान में उतरे हैं।
बिट्टू भी चौथी बार जीत दर्ज करने की आस में लड़ रहे चनावी लड़ाई
इसी तरह लुधियाना सीट पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए रवनीत सिंह बिट्टू चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर चुनावी सरगर्मियां सबसे अधिक तेज हैं और सभी प्रत्याशी एक दूसरे पार सियासी बाण चला रहे हैं। यहां तक कि पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग खुद चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं। इसी तरह शिअद ने पूर्व विधायक रणजीत सिंह और आप ने लुधियाना सेंट्रल से विधायक अशोक पप्पी पराशर को चुनाव मैदान में उतारा है। ये सीट पर बिट्टू के लिए जीतना प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है, लेकिन उनके सामने चुनौतियां भी अधिक है, क्योंकि इस बार वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा से चुनावी लड़ रहे हैं। बिट्टू ने वर्ष 2009 में आनंदपुर साहिब, वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव में लुधियाना से जीत दर्ज की थी। इसी तरह 2019 लोकसभा चुनाव में तीसरी बार भी वह लुधियाना से ही सिमरजीत सिंह बैंस को हराकर संसद पहुंचे थे।
परनीत को पांचवी बार की आस
इसी तरह पटियाला से भाजपा प्रत्याशी परनीत कौर पांचवी बार जीत की आस के साथ चुनाव मैदान में उतरी है। उन्होंने 1999, 2004, 2009 और 2019 में संसदीय चुनाव में जीत दर्ज की थी। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस के धर्मवीर गांधी, आप के कैबिनेट मंत्री बलवीर सिंह और शिअद के एनके शर्मा से है।










