
डीएमसी में भर्ती तुषार ठाकुर।
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पंजाब के लुधियाना में ट्रेनों में बेखौफ घूमते बदमाशों ने युवक को चलती ट्रेन से धक्का देकर बाहर फेंक दिया। युवक का कसूर बस इतना था कि उसने ट्रेन में सिगरेट पी रहे बदमाशों को धूम्रपान करने से रोका था। इस घटना की वजह से युवक की रीढ़ की हड्डी की टूट गई और वह जिंदगी भर के लिए अपाहिज हो गया। इस वारदात को लगभग डेढ़ महीना बीतने के बावजूद जीआरपी ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश नहीं की और एफआईआर दर्ज करने के बाद पीड़ित के अनफिट होने का बहाना बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
डीएमसी अस्पताल में भर्ती जम्मू के ग्रेटर कैलाश निवासी तुषार ठाकुर (23) को लगभग एक माह बाद होश आया तो उसने पुलिस को ई-मेल भेजकर आपबीती बताई। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। वहीं बेटे की हालत देख पिता के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि अब मेरा बेटा कभी चल नहीं पाएगा। यह खौफनाक वारदात तुषार ठाकुर के साथ लुधियाना स्टेशन के आसपास हुई है। वह बीती 19 मई को एसएसबी (सेवा चयन बोर्ड) का इंटरव्यू देने जम्मू से अहमदाबाद जा रहा था। ट्रेन में सफर के दौरान कुछ युवक टॉयलेट के पास सिगरेट पी रहे थे।
तुषार ने युवकों को धूम्रपान करने से रोका तो आरोपियों ने उसे चलती ट्रेन से धक्का देकर बाहर फेंक दिया। ट्रेन से बाहर गिरने के बाद तुषार को कुछ पता नहीं चला। उसने करीब डेढ़ महीने के बाद थोड़ा होश आने पर खुद को डीएमसी अस्पताल के वेंटिलेटर पर पाया। तुषार की रीढ़ की हड्डी टूट चुकी थी। नाक और गर्दन में भोजन व ऑक्सीजन की पाइप लगी थी। तुषार ने अपने बयान टाइप करके पुलिस को ई-मेल किए। डॉक्टरों के मुताबिक शरीर के निचले हिस्से में पैरालाइज होने के कारण तुषार अब जिंदगी भर बिस्तर पर रहेगा और चल फिर नहीं पाएगा।










