This man gives salvation to unclaimed bodies till now he has cremated 22000 bodies – News18 हिंदी

शुभम मरमट / उज्जैन.अपनों के ठुकराए हुए बेसहारा लोगों की मौत के बाद उनके मोक्ष की राह आसान करते है उज्जैन के अनिल डागर. यह एक ऐसे सक्स है जिनकी उम्र के साथ इनकी कार्य कि चर्चा दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है.

उज्जैन शहर मे कही भी कोई लावारिश लाश मिलती है तो पुलिस अनिल को सौंप देती है. अनिल उनके धर्म के हिसाब से उनका अंतिम संस्कार आपने परिवार का सदस्य मान कर करते है. इतना ही नहीं साल भर मे यह आकड़ा करीब 350,400 तक पहुंच जाता है. उनकी आत्मा कि शांति के लिए यह तीर्थ यात्रा पर निकल जाते है. उनकी मोक्ष कि कामना के लिए उन्होंने बताया कि उनको राष्ट विभूति समान भी मिला भारत सरकार कि तरफ से गाड़ी भी मिली सभी समाजो के वरिष्ठ ने मुझे समान भी करा है.

हर समाज के रीति रिवाज के अनुसार करते है अंतिम संस्कार
अनिल डागर अब तक 22000 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर चुके है. जिसमें 19000 हिन्दू व 3000 मुस्लिम समाज के लोगो का अंतिम संस्कार शामिल है. हिन्दू समाज के व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने के बाद उनकी अस्थियां हरिद्वार ले जाकर गंगा नदी में प्रवाहित करते है. वहीं मुस्लिम समाज के व्यक्ति को दफनाते है. जिस भी समाज के व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है और उनके परिजन किसी कारण वश नहीं मिल पाते है उनका अंतिम संस्कार पुरे रीति रिवाज़ के साथ करते है. मुस्लिम समुदय के कोई लोग रहते है तो उनको दफ़नाने के बाद उनकी कबर पर फातिया भी पड़ा जाता है.

समाज और पुलिस के सहयोग से करते है काम
अनिल डागर का कहना है कि अगर कोई भी समाज का व्यक्ति का लावारिस शव मिलता है तो उसको उस समाज और पुलिस प्रशासन की मदद से अंतिम संस्कार करते है. अनिल ने उज्जैन जिले के हर पुलिस थाने में अपने नंबर दे रखे है. इसके अलावा उज्जैन जिले में अगर कही पर भी लावारिस/अनाथ शव मिलता है तो आप अनिल थानवी से 098270-14298 पर संपर्क कर सकते है.

मानवता की मिसाल है अनिल डागर

मानव सेवा को ही अपना धर्म मान कर सभी धर्मों के लोगों का कोरोना महामारी में भी हज़ारो मृत लोगों का अंतिम संस्कार कर देवदूत बनकर अनिल डागर ने मानवता की मिसाल पेश की थी जो कि अभी भी निरंतर कार्य कर रहे है. उन्होंने इसकी शुरुआत 15 साल कि उम्र से कारी थी. जिनकी आज उम्र 52 साल है. कोरोना काल के संकट से जब देश और दुनिया जूझ रही थी उस वक्त कुछ ऐसे ही देवदूत सामने आए जिन्होंने समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की. इनमें से ही एक शख्स हैं अनिल डागर भी है.

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FIRST PUBLISHED : May 2, 2024, 18:10 IST

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