अधिक कॉफी पीने से बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग का जोखिम

अधिक कॉफी पीने से बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग का जोखिम

कॉफी ऑफिस में काम करने वालों के लिए एक जरूरी ऊर्जा स्रोत बन चुकी है, जो न केवल थकान दूर करने के लिए पी जाती है, बल्कि मीटिंग्स और लंबे काम के घंटों को भी सहने में मदद करती है। हालांकि, हालिया शोध से यह सामने आया है कि अधिक कॉफी पीने से सिर्फ आपकी नींद ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि यह आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी बढ़ा सकता है, जिससे कार्डियोवस्कुलर डिजीज (हृदय से संबंधित रोगों) का खतरा भी बढ़ सकता है।

स्टडी के परिणाम:

स्वीडन की उप्साला यूनिवर्सिटी और चाल्मर्स यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी द्वारा किए गए एक शोध में यह पाया गया कि ऑफिस में इस्तेमाल होने वाली कॉफी मशीनें कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा सकती हैं। इस अध्ययन में यह भी देखा गया कि कॉफी बनाने का तरीका यह तय करता है कि कितना कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। फिल्टर कॉफी के मुकाबले बिना फिल्टर वाली कॉफी में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का जोखिम ज्यादा होता है।

कॉफी के ज्यादा सेवन से होने वाले नुकसान:

  1. नींद पर असर: ज्यादा कॉफी पीने से नींद में खलल पड़ सकता है, क्योंकि इसमें कैफीन होता है, जो एक उत्तेजक तत्व है।

  2. कोलेस्ट्रॉल बढ़ना: बिना फिल्टर की कॉफी में डिटरपीन नामक तत्व होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा सकते हैं। ये तत्व फिल्टर कॉफी में नहीं होते हैं, जिससे उसका प्रभाव कम होता है।

  3. हृदय रोग का जोखिम: लगातार ज्यादा कॉफी पीने से हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है, खासकर अगर इसमें अतिरिक्त शक्कर और दूध डाला जाए।

क्या कॉफी से हार्ट डिजीज बढ़ सकती है?

यदि आप बिना फिल्टर वाली कॉफी ज्यादा पीते हैं, तो इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के कारण हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, ज्यादा कैफीन भी हृदय की धड़कन को प्रभावित कर सकता है और उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है। हालांकि, यह तब ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है जब किसी को पहले से दिल की समस्याएं हो या रक्तचाप बढ़ा हो।

कॉफी पीने का सही तरीका और समय:

  1. सही समय: कॉफी सुबह के समय या दोपहर में पीने से आपको दिन भर की ऊर्जा मिल सकती है। लेकिन रात को सोने से कुछ घंटों पहले कॉफी से बचें, ताकि नींद में कोई बाधा न आए।

  2. सही तरीका: अगर आप अपनी कॉफी का सेवन करते हैं तो फिल्टर कॉफी को प्राथमिकता दें, क्योंकि इसमें कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले डिटरपीन की मात्रा कम होती है। साथ ही, अगर आप शक्कर या दूध डालते हैं, तो उसका सेवन सीमित रखें।

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