प्रयागराज. गाजीपुर सांसद और सपा उम्मीदवार अफजाल अंसारी की उम्मीदवारी पर भी खतरा मंडरा रहा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट में अफजाल अंसारी की अर्जी पर गुरुवार को भी फाइनल हियरिंग नहीं हो सकी. हाईकोर्ट ने सजा बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से दाखिल गवर्नमेंट अपील के साथ याचिका को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है. अब शुक्रवार 3 मई को दोपहर दो बजे से इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. जस्टिस संजय कुमार सिंह की सिंगल बेंच मामले की सुनवाई कर रही है.
हाईकोर्ट में अब शुक्रवार को अफजाल अंसारी की अर्जी के साथ ही राज्य सरकार की ओर से सजा बढ़ाने के लिए दाखिल गवर्नमेंट अपील और मौत के घाट उतारे गए भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय के परिवार की ओर से दाखिल अर्जी पर एक साथ सुनवाई होगी. मामले की सुनवाई के दौरान सबसे पहले अफजाल अंसारी का पक्ष रखा जाएगा. उनके अधिवक्ता सबसे पहले अपनी दलीलें पेश करेंगे. इसके बाद यूपी सरकार और मौत के घाट उतारे गए भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय के परिवार की तरफ से दलीलें पेश की जाएंगी.
हम आपको बता दें कि गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने गाजीपुर एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट से गैंगस्टर मामले में मिली चार साल की सजा के खिलाफ अपील दाखिल की है. अपील में गैंगस्टर मामले में मिली 4 साल की सजा रद्द किए जाने की मांग की गई है, जबकि कृष्णानंद राय के परिवार की ओर से दाखिल अर्जी में अफजाल अंसारी को मिली सजा बढ़ाए जाने की अपील की गई है. गाजीपुर की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने अफजाल अंसारी को पिछले साल 29 अप्रैल को गैंगस्टर मामले में सजा सुनाई थी. 4 साल की सजा मिलने की वजह से ही अफजाल अंसारी को जेल जाना पड़ा था और उनकी लोकसभा की सदस्यता निरस्त हो गई थी. हालांकि बाद में हाईकोर्ट ने अफजाल अंसारी को जमानत दे दी थी.
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इसके बाद अफजाल अंसारी की 4 साल की सजा पर भी सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट से सजा पर रोक लगाए जाने के बाद अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता बहाल हो गई थी. समाजवादी पार्टी ने उन्हें गाजीपुर से लोकसभा का उम्मीदवार भी बनाया है लेकिन अगर हाईकोर्ट से सजा बहाल होती है या फिर बढ़ाई जाती है तो अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ेंगी. वह लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे. पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के तहत दो साल से ज्यादा सजा पाने वाला व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक हाईकोर्ट को इस मामले को 30 जून तक निस्तारित कर देना है.
वहीं अपनी उम्मीदवारी के खतरे को भांपते हुए अफजाल अंसारी ने गाजीपुर में इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ हुई बैठक में बेटी नुसरत को अपना राजनीतिक वारिस बताया है. इससे संभावना यही जताई जा रही है कि अगर अफजाल अंसारी की उम्मीदवारी से संकट के बादल नहीं छंटे तो बेटी नुसरत को गाजीपुर से चुनाव लड़ा सकते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 2, 2024, 19:37 IST










