अमृतसर में खाली प्लाटों की गंदगी पर जिला प्रशासन सख्त, प्लाट मालिकों को नोटिस – कार्रवाई की चेतावनी

अमृतसर: शहर और आसपास के क्षेत्रों में खाली प्लाटों में जमा हो रहे कूड़े-कचरे और गंदे पानी को लेकर जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला मजिस्ट्रेट साक्षी साहनी ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी प्लाट मालिक अपने खाली प्लाटों की तुरंत सफाई करवाएं, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, अमृतसर शहर के विभिन्न हिस्सों में अनेक ऐसे खाली प्लॉट हैं जो निजी स्वामित्व या कब्जे में हैं, लेकिन लंबे समय से इनमें कचरा, मलबा और गंदा पानी जमा है। इससे न केवल इलाके की साफ-सफाई प्रभावित हो रही है, बल्कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
स्वास्थ्य के लिए बन रहे खतरा
जिला मजिस्ट्रेट साक्षी साहनी ने आदेश में कहा है कि इन प्लॉटों में जमा गंदगी से हानिकारक मच्छरों और जीवों का प्रजनन हो रहा है, जो जनस्वास्थ्य के लिए जानलेवा खतरा बन चुके हैं। प्रशासन की प्राथमिकता है कि इन बीमारियों को फैलने से पहले ही रोका जाए।
चारदीवारी और फेंसिंग अनिवार्य
प्रशासन ने यह भी आदेश दिए हैं कि सभी खाली प्लाट मालिक अपने प्लाट की चारों ओर पक्की चारदीवारी या फेंसिंग अवश्य करवाएं ताकि भविष्य में कूड़ा जमा न हो सके। साफ-सफाई की नियमित निगरानी भी जरूरी बताई गई है।
नहीं मानी हिदायतें तो होगी कार्रवाई
अगर कोई प्लाट मालिक इन आदेशों की अनदेखी करता है और उसके प्लाट में गंदगी जमा पाई जाती है, तो:
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उस पर जुर्माना लगाया जाएगा
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उसके खिलाफ FIR दर्ज की जा सकती है
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नगर निगम या प्रशासनिक एजेंसियां प्लाट की जबरन सफाई करवा सकती हैं और खर्च संबंधित मालिक से वसूला जाएगा










