अमृतसर में जहरीली शराब का कहर: 21 की मौत, कई की हालत गंभीर; गांव थरियेवाल बना हादसे का केंद्र
अमृतसर, 14 मई 2025 – पंजाब के अमृतसर जिले में मजीठा हलके के सात गांवों में जहरीली शराब पीने से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी मौतों की जड़ एक ही गांव थरियेवाल से जुड़ी है।
जहरीली शराब का नेटवर्क
पुलिस ने रविवार शाम को थरियेवाल गांव से साहिब सिंह उर्फ सराय, गुरजंट सिंह और 75 वर्षीय निंदर कौर को गिरफ्तार किया है। निंदर कौर की हालत इतनी खराब है कि वह ठीक से चल भी नहीं सकती। उनके पति तारू सिंह, जो कि प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे थे, की भी उसी जहरीली शराब के सेवन से मौत हो गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यही दंपती गांवों में शराब बेच रहे थे।
गांवों में पसरा मातम
मौतें थरियेवाल, मराड़ी कलां, पातालपुरी, भंगाली कलां, तलवंडी खुम्मन, करनाला और भंगवां गांवों में हुई हैं। हर गांव में मातम पसरा हुआ है और लोगों में गुस्सा है। कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं।
बेटों के सिर से उठा पिता का साया
थरियेवाल गांव के जोगिंदर सिंह (40) की भी जहरीली शराब के सेवन से मौत हो गई। घर में मौजूद उनकी भतीजी शिखा ने बताया कि जोगिंदर सिंह के दो बेटे मनजोत (14) और गुरसेवक (17) पहले ही अपनी मां को कैंसर के कारण खो चुके हैं। अब पिता की मौत के बाद दोनों बच्चे अनाथ हो गए हैं।
शिखा ने बताया कि रविवार को जैसे ही उन्हें जोगिंदर की हालत बिगड़ने की खबर मिली, वे बटाला से गांव पहुंचे। जोगिंदर के मुंह से झाग निकल रहा था और आंखें ऊपर चढ़ी हुई थीं। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
प्रशासन और सरकार पर उठे सवाल
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह शराब लंबे समय से बेची जा रही थी, लेकिन किसी ने समय रहते कार्रवाई नहीं की।
जांच जारी, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। लेकिन यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में जहरीली शराब कैसे फैली और जिम्मेदार कौन है? क्या प्रशासन की आंखें बंद थीं या जानबूझकर नजरअंदाजी की गई?