किसान आंदोलन: सुप्रीम कोर्ट में 6 जनवरी को हुई सुनवाई, डल्लेवाल से मिलने के लिए हाईपावर कमेटी से राजी, 10 जनवरी को अगली सुनवाई

किसान आंदोलन: सुप्रीम कोर्ट में 6 जनवरी को हुई सुनवाई, डल्लेवाल से मिलने के लिए हाईपावर कमेटी से राजी, 10 जनवरी को अगली सुनवाई

खनौरी बॉर्डर पर 42 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत डल्लेवाल। - Dainik Bhaskar

किसान आंदोलन को लेकर सोमवार (6 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें पंजाब सरकार ने बताया कि किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने कोर्ट की बनाई हाईपावर कमेटी से मिलने के लिए राजी हो गए हैं। पंजाब सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने यह जानकारी दी और यह उम्मीद जताई कि इस मुलाकात से कुछ सकारात्मक परिणाम निकल सकते हैं। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अब 10 जनवरी को तय की है।

इससे पहले, डल्लेवाल ने रिटायर्ड जस्टिस नवाब सिंह को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका प्रतिनिधिमंडल 4 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से मिला था, लेकिन कमेटी ने शंभू और खनौरी बॉर्डर आने का समय नहीं निकाला। उन्होंने सवाल किया था, “क्या वे मेरी मौत का इंतजार कर रहे थे?” डल्लेवाल ने यह भी कहा था कि वे केवल केंद्र सरकार से ही बात करेंगे।

शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन पिछले 11 महीनों से चल रहा है और सुप्रीम कोर्ट में इस आंदोलन से संबंधित दो मामले चल रहे हैं। पहला मामला शंभू बॉर्डर खोलने के फैसले के खिलाफ हरियाणा सरकार की याचिका से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला खनौरी बॉर्डर पर 42 दिनों से अनशन कर रहे डल्लेवाल को अस्पताल में भर्ती न करने पर पंजाब सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका से संबंधित है। 2 जनवरी को हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलों को एक साथ रखने का आदेश दिया था।

इस बीच, शनिवार को डल्लेवाल को महापंचायत के दौरान 9 मिनट के संबोधन के बाद उल्टियां और चक्कर आने लगे थे, जिससे उनका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया। उनकी सेहत में गिरावट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट मोड पर टीम को तैनात किया है। अब डल्लेवाल ने पानी पीना भी छोड़ दिया है और उनकी सेहत काफी कमजोर हो गई है।

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