केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में खालिस्तानी गतिविधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का संकेत दिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में देश में आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों पर चर्चा करते हुए पंजाब में अलगाववादी तत्वों के खिलाफ कड़े रुख अपनाने का संकेत दिया। उन्होंने विशेष रूप से 1980 के दशक के आतंकवादी नेता जरनैल सिंह भिंडरांवाले का नाम लिया और कहा कि कुछ लोग फिर से भिंडरांवाले बनने की कोशिश कर रहे थे। उनका इशारा मौजूदा खालिस्तान समर्थक गतिविधियों की ओर था, जिसमें अमृतपाल सिंह का नाम प्रमुखता से सामने आया।
अमित शाह ने यह भी कहा कि सरकार ने पहले ही इन तत्वों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए हैं। उन्होंने यह उदाहरण दिया कि जिन लोगों ने भिंडरांवाले बनने का प्रयास किया, वे अब असम की जेल में हैं और गुरु ग्रंथ साहिब पढ़ रहे हैं। गृह मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि मोदी सरकार के तहत ऐसे राजनीतिक विचारधाराओं को पनपने नहीं दिया जाएगा और इन्हें पहले ही समाप्त कर दिया जाएगा।
हालांकि, अमित शाह ने अमृतपाल सिंह का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनकी गतिविधियों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया। अमृतपाल सिंह ने हाल ही में खालिस्तान की मांग की और केंद्रीय नेतृत्व को इंदिरा गांधी जैसे हश्र की धमकी दी थी, जिसके कारण सरकार ने पंजाब में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए।