गर्मियों में अपच क्यों होती है और कैसे बचें? जानिए आसान भाषा में
बिलकुल सही समय पर ये जानकारी काम आ सकती है, क्योंकि गर्मियों में पेट से जुड़ी समस्याएं सामान्य लेकिन परेशान करने वाली होती हैं। आइए इसे आसान और साफ़ तरीके से समझते हैं कि गर्मी में अपच क्यों होती है, और इससे कैसे बचा जाए।
गर्मियों में अपच क्यों ज्यादा होती है?
1. बॉडी का फोकस पाचन से हट जाता है
जैसे ही बाहरी तापमान 37°C से ऊपर जाता है, शरीर थर्मोरेग्युलेशन में लग जाता है।
मतलब: शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए स्किन की तरफ ब्लड फ्लो बढ़ा देता है।
नतीजा: आंतों को कम ब्लड सप्लाई मिलती है और पाचन धीमा हो जाता है।
2. अत्यधिक पसीना और डिहाइड्रेशन
ज्यादा पसीना आने से शरीर इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी खो देता है।
इससे डाइजेस्टिव जूस कम बनते हैं और पाचन कमजोर होता है।
3. गलत खानपान
गर्मियों में ज्यादा मैदा, तला-भुना, तेज मसालेदार खाना खाने से पाचन तंत्र और धीमा हो जाता है।
गर्मियों में होने वाली आम समस्याएं:
गैस और बदहजमी
कब्ज
ब्लोटिंग (पेट फूलना)
मतली और उल्टी
डायरिया (कभी-कभी)
अगर अपच या डायरिया हो जाए तो क्या करें?
1. हाइड्रेटेड रहें
ORS, नारियल पानी, नींबू पानी पीते रहें।
कैफीन, सोडा और शराब से दूर रहें।
2. हल्का खाना खाएं
खिचड़ी, दही-चावल, सूप, दलिया जैसे सादा और सुपाच्य भोजन लें।
3. घरेलू उपाय
जीरा-पानी, सौंफ या अजवाइन का पानी पिएं।
अदरक और नींबू का रस भी अपच में राहत देता है।
4. जरूरत हो तो डॉक्टर से मिलें
खासकर अगर बार-बार उल्टी या पानी की कमी महसूस हो रही हो।
हल्का और ताजा खाना खाएं तले-भुने, मसालेदार भोजन से बचें
पानी और तरल खूब पिएं बहुत ठंडे पेय या आइसक्रीम ओवरडोज न करें
छोटी-छोटी मील लें एक बार में बहुत सारा खाना न खाएं
मौसमी फल जैसे खीरा, तरबूज, ककड़ी शामिल करें बाहर का जंक फूड न खाएं
सेहतनामा सलाह:
गर्मी में “डाइजेशन” को नजरअंदाज करना मतलब है पूरे शरीर को तकलीफ में डालना।
सही खानपान, पर्याप्त पानी और थोड़ी सी सावधानी से आप गर्मियों को भी हेल्दी बना सकते हैं।