गुरुग्राम: टेनिस प्लेयर राधिका यादव मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा, आरोपी दीपक यादव ने कहा – “जो हो गया, सो हो गया”

गुरुग्राम: टेनिस प्लेयर राधिका यादव मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा, आरोपी दीपक यादव ने कहा – “जो हो गया, सो हो गया”

आरोपी पिता को कोर्ट में पेश करने ले जाती पुलिस। इनसेट में राधिका यादव की फोटो। - Dainik Bhaskar

गुरुग्राम | 14 जुलाई 2025:
हरियाणा के गुरुग्राम में हुई जूनियर इंटरनेशनल टेनिस प्लेयर राधिका यादव की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दीपक यादव ने रिमांड और कोर्ट के दौरान न कोई पछतावा दिखाया और न ही अफसोस जाहिर किया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करते हुए केवल इतना कहा:

“जो हो गया, सो हो गया।”

हत्या के बाद मौके से हुआ था गिरफ्तार

10 जुलाई को हुई इस घटना में दीपक ने अपनी बेटी राधिका यादव को गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के तुरंत बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में पेशी के बाद एक दिन की पुलिस रिमांड के बाद दीपक को भोंडसी जेल भेज दिया गया है।

आरोपी के भाई का दावा

इस बीच, दीपक यादव के चचेरे भाई ने मीडिया के सामने एक दावा किया कि जेल में मुलाकात के दौरान दीपक ने खुद कहा:

“मैंने कन्या वध कर दिया है, मुझे फांसी की सजा दी जाए।”

हालांकि, पुलिस ने इस बयान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि राधिका के परिवार की तरफ से ऐसी कोई जानकारी औपचारिक रूप से नहीं दी गई है।

फोन डेटा से सुलझेगा राज?

पुलिस ने राधिका यादव का मोबाइल फोन डेटा रिकवरी के लिए भेज दिया है। माना जा रहा है कि इससे हत्या की वजह, राधिका और आरोपी के बीच अंतिम बातचीत, या किसी तरह का तनाव सामने आ सकता है।

कौन थी राधिका यादव?

राधिका यादव हरियाणा की उभरती हुई टेनिस खिलाड़ी थीं और उन्होंने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताएं जीती थीं। उनकी हत्या ने पूरे खेल जगत और राज्य को हिला कर रख दिया है


अब तक की जांच के मुख्य बिंदु:

  • आरोपी दीपक यादव ने अपराध स्वीकार किया, लेकिन कोई पछतावा नहीं जताया।

  • हत्या के वक्त मौके से ही गिरफ्तार किया गया था।

  • कोर्ट ने एक दिन की रिमांड के बाद उसे जेल भेज दिया।

  • राधिका का मोबाइल डेटा अब जांच का अहम हिस्सा होगा।

  • आरोपी के चचेरे भाई ने दीपक के ‘फांसी’ की मांग वाला बयान मीडिया में बताया।


यह मामला महिला सुरक्षा, पारिवारिक मानसिकता, और खिलाड़ियों की सामाजिक स्थिति पर गहरे सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि फोन डेटा और अन्य सबूतों के आधार पर जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और न्याय की प्रक्रिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है।

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