चंडीगढ़ के डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव का अचानक ट्रांसफर, पुलिस विभाग में हलचल
चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव का अचानक ट्रांसफर 13 महीने के कार्यकाल के बाद चर्चा का विषय बन गया है। सुरेंद्र यादव ने फरवरी 2024 में चंडीगढ़ पुलिस में ज्वाइन किया था और अपनी नियुक्ति के दौरान ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए थे। उन्होंने कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिसमें कॉन्स्टेबल से लेकर डीएसपी स्तर तक के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई। उनके इस सख्त रवैये के कारण पुलिस विभाग में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
सुरेंद्र यादव को अब बीएसएफ में आईजी बॉर्डर रेंज के रूप में ट्रांसफर किया गया है। उनके स्थान पर आईजी राजकुमार को डीजीपी का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। यादव का कार्यकाल दो साल का था, लेकिन उन्होंने मात्र 13 महीने ही चंडीगढ़ पुलिस में बिताए, जो कुछ लोगों के लिए अप्रत्याशित था।
उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सख्त नीतियों ने कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने क्राइम ब्रांच के तहत कई पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कराए, जिनमें कॉन्स्टेबल युद्धबीर, पूर्व मेयर कुलदीप, डीएसपी एसपीएस सोंधी, इंस्पेक्टर जसमिंदर, सीनियर कॉन्स्टेबल समुंदर, हेड कॉन्स्टेबल सतीश, सीनियर कॉन्स्टेबल प्रदीप और कॉन्स्टेबल सुरिंदर शामिल थे। इसके अलावा, कुछ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया गया, जिनमें एएसआई सेवा सिंह, एएसआई रणजीत सिंह, कॉन्स्टेबल दीपक, एएसआई संजीव कुमार, कॉन्स्टेबल नीरज और एएसआई गुरदेव सिंह शामिल हैं।
सुरेंद्र यादव के ट्रांसफर को लेकर पुलिस विभाग में विभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां कुछ अधिकारी उनके कड़े अनुशासन को लेकर राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं कुछ उनके कार्यकाल को प्रभावी मानते हैं।