चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच सवालों के घेरे में: अपने ही तीन पुलिसकर्मियों को खोजने में नाकाम

चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच सवालों के घेरे में: अपने ही तीन पुलिसकर्मियों को खोजने में नाकाम

पूर्व डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़। क्राइम ब्रांच अपराधियों को पकड़कर जेल भेजने का दावा करती है, लेकिन अब खुद एक विवाद के बीच फंस गई है। विभाग पर आरोप है कि वह अपने ही तीन पुलिसकर्मियों—जसपाल, ओमप्रकाश और महिला पुलिसकर्मी जसविंदर—को खोजने में असफल रहा है। इन पुलिसकर्मियों पर पूर्व डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव को बदनाम करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप है।

यह मामला करीब सात महीने पहले क्राइम ब्रांच में FIR दर्ज हुआ था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस वजह से विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और शंका बनी हुई है कि क्या क्राइम ब्रांच अपने ही सदस्यों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर पाएगी।

मोहाली के फार्म हाउस में रची गई थी साजिश

जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ पुलिस के दर्जन भर से ज्यादा पुलिसकर्मी मोहाली में एक अधिकारी के फार्म हाउस पर एकत्र हुए थे, जहां डीजीपी को बदनाम करने की साजिश रची गई। कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक लेटर वायरल हुआ, जिसमें डीजीपी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।

लेटर के अंत में एक रिटायर्ड अधिकारी के हस्ताक्षर भी थे, जो जांच में जाली साबित हुए।

सवाल और संदेह

  • FIR दर्ज होने के बावजूद इतने समय में कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

  • क्या विभाग अपनी ही साजिश रचने वाले पुलिसकर्मियों को बचाने में लगा है?

  • क्या क्राइम ब्रांच अपनी छवि बचा पाएगी या इस मामले से उसकी विश्वसनीयता पर गंभीर असर पड़ेगा?

यह मामला अब चंडीगढ़ पुलिस विभाग में गहरे अंदरूनी विवाद और साजिश की तरफ इशारा करता है, जिसे लेकर जल्द खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।

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