चंडीगढ़: “जज नोट कांड” मामले में आज सुनवाई, 17 साल बाद फैसला सुरक्षित
चंडीगढ़ की सीबीआई की विशेष अदालत आज (शनिवार) को बहुचर्चित “जज नोट कांड” मामले में फैसला सुनाएगी। इस मामले में 17 साल लंबी सुनवाई के बाद आज अदालत ने गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब तक 300 से अधिक सुनवाई हो चुकी हैं और 76 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, हालांकि मुकदमे के दौरान 10 गवाह अपने बयान से पलट गए।
इस हाई प्रोफाइल मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस निर्मल यादव, दिल्ली के होटल कारोबारी रविंदर सिंह भसीन, प्रॉपर्टी डीलर राजीव गुप्ता, और निर्मल सिंह आरोपी हैं। इस मामले का एक आरोपी, संजीव बंसल, अब इस दुनिया में नहीं रहे, क्योंकि उनकी मौत हो चुकी है।
इस मामले की शुरुआत तब हुई थी जब जस्टिस निर्मलजीत कौर के घर गलती से 15 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर भेजे गए थे, जो असल में जस्टिस निर्मल यादव के लिए थे। यह रकम चंडीगढ़ में 2008 में भेजी गई थी। CBI ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की थी। संजीव बंसल के मुंशी प्रकाश राम ने यह रकम जस्टिस निर्मलजीत कौर के घर पहुंचाई थी।
सीबीआई ने 2011 में चार्जशीट दायर की थी, जिसमें जस्टिस निर्मल यादव समेत अन्य पर आपराधिक केस बनाने की बात कही गई थी। जस्टिस यादव उस समय उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज थीं, जबकि रिश्वत कांड के बाद उन्हें पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से ट्रांसफर कर दिया गया था। 2014 में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे, और इस दौरान संजीव बंसल की मृत्यु हो गई थी।
रिटायर्ड जज जस्टिस निर्मल यादव पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 11 के तहत और अन्य आरोपियों पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं समेत आपराधिक साजिश रचने की धारा के तहत केस दर्ज हुआ था। अब तक इस मामले में अदालत द्वारा निर्णय लिया जाएगा।