चंडीगढ़ पीजीआई में महिला रेडियोग्राफर की आत्महत्या: सूरज को दोषी ठहराया गया
चंडीगढ़, 2 जुलाई 2025 — चंडीगढ़ पीजीआई में महिला रेडियोग्राफर सुपरवाइजर नरिंद्र कौर की आत्महत्या के मामले में जांच रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें आउटसोर्स अटेंडेंट सूरज को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सूरज ने ऑफिस में ऐसा माहौल बना दिया था, जिससे नरिंद्र कौर मानसिक तनाव में आ गईं और आखिरकार आत्महत्या करने को मजबूर हुईं।
पीजीआई प्रशासन ने बीवाईजी इंडिया लिमिटेड को भेजा नोटिस
पीजीआई प्रशासन ने सूरज को तैनात करने वाली निजी कंपनी “बीवाईजी इंडिया लिमिटेड, दिल्ली” को पत्र भेजकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि सूरज ने अपने व्यवहार से नरिंद्र कौर को मानसिक रूप से परेशान किया, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ी और आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा।
जांच में अन्य आरोपी बरी
इस मामले में पीड़िता के पति गुरिंदर सिंह ने सूरज के साथ-साथ पीजीआई के कई स्टाफ सदस्यों पर मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। पुलिस में दर्ज शिकायत में सुपरवाइजर दिव्या शर्मा, उनके पति अजय, नवजोत सिंह, अमित कुमार, और डॉ. अक्षय सक्सेना के नाम शामिल थे। हालांकि, जांच कमेटी ने इन सभी को क्लीन चिट दे दी है और सिर्फ सूरज को दोषी माना है।
कंपनी से कार्रवाई की मांग
पीजीआई ने बीवाईजी इंडिया लिमिटेड से यह भी कहा है कि वह इस मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी जल्द से जल्द संस्थान को सौंपे, ताकि इस पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
यह मामला न केवल कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कंपनियों और संस्थानों को अपने कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित और मानसिक रूप से स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए।