जालंधर में एमएसएमई सेक्टर को बड़ी राहत, बकाया वसूली की प्रक्रिया हुई आसान
जालंधर, 1 जुलाई 2025: जालंधर के डीसी कार्यालय में चल रही एमएसएमई फेसीलिएशन कौंसिल की शक्तियों में सरकार अब बड़ा विस्तार करने जा रही है। कौंसिल के माध्यम से बकाया रकम की वसूली न करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सोमवार को इंडस्ट्रियल प्रतिनिधियों का एक डेलीगेशन डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल से मिला।
डेलीगेशन में शामिल एमएसएमई कौंसिल के इंडस्ट्रियल मैंबर एवं जालंधर चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के वाइस प्रेसिडेंट शांत कुमार गुप्ता, स्टेट कौंसिल के सदस्य राजन गुप्ता और उद्यमी करण गुप्ता मौजूद रहे। उन्होंने जानकारी दी कि एमएसएमई एक्ट में संशोधन करते हुए अब फेसीलिएशन कौंसिल द्वारा पारित की गई डिग्री को पंजाब लैंड रेवेन्यू एक्ट के तहत कानूनी मान्यता दी जाएगी। इससे उद्योगों को बकाया वसूली की प्रक्रिया में अब राहत मिलेगी।
प्रक्रिया होगी सरल, वसूली होगी आसान शांत गुप्ता ने बताया कि अब कौंसिल की डिग्री सीधे लैंड रिकॉर्ड में देनदारी के रूप में दर्ज हो सकेगी, जिससे बकायेदार से भुगतान लेना आसान हो जाएगा। पहले यह कानूनी प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल थी, जिससे कई एमएसएमई उद्यमियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता था।
राजन गुप्ता ने कहा कि यह बदलाव एमएसएमई सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। यह मांग जालंधर की इंडस्ट्री द्वारा लंबे समय से की जा रही थी, जिसे डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल के माध्यम से पंजाब सरकार तक पहुंचाया गया था। अब सरकार की सहमति से यह पहल औद्योगिक हितों के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है।
सरकार का कदम हितकारी: उद्यमी उद्योगपतियों ने कहा कि यह निर्णय छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए सकारात्मक संकेत है और इससे एमएसएमई क्षेत्र में विश्वास बहाल होगा। साथ ही, इससे बकाया भुगतान को लेकर उद्यमियों को न्याय मिलने की प्रक्रिया भी तेज होगी।