जालंधर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर सियासी रंग, हरपाल चीमा और परगट सिंह आमने-सामने

जालंधर (पंजाब): जालंधर शहर के सबसे व्यस्त डॉ. बीआर अंबेडकर (नकोदर) चौक पर आज अंबेडकर जयंती के मौके पर सभी राजनीतिक दलों के नेता एकत्रित हुए। इस मौके पर उन्होंने बाबा साहिब की प्रतिमा पर फूल अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और लोगों को उनके योगदान व विचारों के बारे में जागरूक किया। हालांकि यह कार्यक्रम एकता और श्रद्धा का प्रतीक होना चाहिए था, लेकिन मंच पर राजनीतिक बयानबाजी हावी हो गई।
हरपाल चीमा ने बाजवा पर साधा निशाना
पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने इस मौके पर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा:
“बाबा साहिब की देन है कि आज दलित समाज पढ़-लिख कर आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार ‘पढ़ो और आगे बढ़ो’ के नारे के साथ शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है।”
चीमा ने यह भी कहा कि अंबेडकर की प्रतिमा से छेड़छाड़ करने वालों पर केंद्र सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
बाजवा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा:
“प्रताप सिंह बाजवा का बयान देश की एकता के लिए खतरा है। अगर वह सच नहीं बोल रहे तो उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया है। पंजाब पुलिस को उनके खिलाफ जरूरी जानकारी दी जानी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आलाकमान की चुप्पी भी चौंकाने वाली है।
परगट सिंह का पलटवार
कांग्रेस विधायक और पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी परगट सिंह ने चीमा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा:
“बाबा साहिब हमारे संविधान के निर्माता हैं, और हमारा कर्तव्य है कि हम संविधान की रक्षा करें।”
बाजवा पर दर्ज एफआईआर को उन्होंने राजनीतिक स्टंट बताया और कहा:
“इस एफआईआर से कुछ नहीं निकलेगा। आम आदमी पार्टी जो कहती है, उसके उलट ही करती है।”










