जमुई : मुंगेर विश्वविद्यालय अपने बुरे दौर में से गुजर रहा है. नये वित्तीय वर्ष 2024-25 का पहला महीना समाप्त हो गया है. लेकिन न तो अबतक एमयू अपने शिक्षकों को उनका वाजिब प्रमोशन का हक दे पाया है और न ही अपने विकास के लिये बजट पारित कराने को लेकर सीनेट बैठक करा पाया है. हद तो यह है कि नवंबर माह में अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ करने को लेकर निकाली गयी सूचना भी अब फुस्स होकर रह गयी है. हालांकि लंबे समय से बैंक खातों के संचालन पर लगी रोक को तो हटाने का निर्देश मिल चुका है पर ऐसा लगता नहीं है कि अभी भी इस विश्वविद्यालय के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों के दिन बहुरेंगे.
नहीं पारित हो सका है नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट
एक ओर जहां पिछले चार माह से बिना वेतन के एमयू के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी काम कर रहे हैं. वहीं नये वित्तीय वर्ष के लिये बजट पारित नहीं होने से उनके वेतन पर ग्रहण ही लगेगा. हालांकि जिस प्रकार से एमयू द्वारा बीते दिनों शिक्षकेत्तर कर्मियों को अस्थायी प्रमोशन दिया गया और विश्वविद्यालय की प्रमोशन प्रक्रिया खुद सवालों के घेरे में आ गयी.
बता दें कि विश्वविद्यालय को नियमानुसार अपने विकास और शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतनादि को लेकर चालू वित्तीय वर्ष आरंभ होने के पूर्व अर्थात जनवरी या फरवरी माह में ही सीनेट की बैठक आयोजित कर बजट पारित कराना था, लेकिन नये वित्तीय वर्ष के पहला महीना समाप्त होने के बाद भी एमयू में अबतक सीनेट बैठक को लेकर कोई सुगबुगाहट नजर नहीं आ रही है.
अनुकंपा पर नियुक्ति का मामला भी अधर में
जनवरी माह में अनुकंपा आश्रितों के धरना पर बठने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा दोबारा अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ करने को लेकर सूचना जारी की गयी. इसके लिये मार्च में चयन समिति भी बनायी गयी, लेकिन एक माह बाद अब अनुकंपा पर नियुक्ति का मामला पुरी तरह फुस्स हो गया है. कुलसचिव कर्नल विजय कुमार ठाकुर ने बताया कि अनुकंपा पर नियुक्ति को लेकर चयन समिति द्वारा स्क्रूटनी की जा रही है. जल्द ही प्रक्रिया को पूर्ण को पूर्ण करने का आश्वासन दिया जा रहा है.
FIRST PUBLISHED : May 4, 2024, 23:43 IST










