नाभा झड़प पर DSP मनदीप कौर की सफाई: “पगड़ी नहीं उतारी, किसानों के वेश में आए थे गुंडे”

नाभा झड़प पर DSP मनदीप कौर की सफाई: “पगड़ी नहीं उतारी, किसानों के वेश में आए थे गुंडे”

किसानों से बात करती और घटना के बारे में बतातीं DSP मनदीप कौर। - Dainik Bhaskar

नाभा, पंजाब | 24 सितंबर 2025: पंजाब के नाभा में 22 सितंबर को किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद चर्चा में आईं लेडी DSP मनदीप कौर ने पूरे विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए सफाई दी है। उन्होंने साफ किया कि किसानों की पगड़ी पुलिस ने नहीं उतारी और मौके पर मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल को बिगाड़ा।

“मुझे पीछे से गलत तरीके से टच किया गया”

DSP मनदीप कौर ने कहा,

“वहां किसानों के वेश में कुछ गुंडे भी मौजूद थे। वीडियो क्लिप्स को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। मुझे भी पीछे से गलत तरीके से छुआ गया। मैं अपनी ड्यूटी कर रही थी, लेकिन कुछ लोगों ने हालात बिगाड़ दिए।”

उन्होंने कहा कि पुलिस ने संयम बरता और किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।

क्या था मामला?

22 सितंबर को शंभू बॉर्डर आंदोलन से जुड़े किसानों ने DSP मनदीप कौर के दफ्तर के बाहर धरना दिया। ये धरना ट्रॉलियों की जब्ती को लेकर था, जो किसानों के अनुसार पुलिस ने नाजायज तरीके से रोकी थीं। इसी दौरान किसानों और पुलिस के बीच कहासुनी बढ़ गई और झड़प हो गई

दोनों पक्षों के आरोप

  • DSP मनदीप कौर ने आरोप लगाया कि

    “किसानों के बीच छुपे असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला किया और बदतमीजी की।”

  • वहीं किसान नेता गमदूर सिंह ने आरोप लगाया कि

    “DSP ने हमारे साथ बदतमीजी की, गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और यहां तक कि हमारे कपड़े फाड़े गए।”

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो क्लिप्स वायरल हुईं, जिनमें आरोप लगाए गए कि पुलिस ने किसानों की पगड़ियां उतारीं और जबरदस्ती की। DSP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है।

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