पंजाब में बाढ़ का कहर: 12 जिले चपेट में, 1312 गांव प्रभावित, राहत कार्य तेज
चंडीगढ़, 2 सितंबर — पंजाब में भारी बारिश और जलस्तर बढ़ने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। राज्य के 12 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें अमृतसर, गुरदासपुर, मोगा, पठानकोट, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर, पटियाला, एसएएस नगर, कपूरथला, जालंधर और लुधियाना शामिल हैं। जालंधर के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1312 गांव प्रभावित हो चुके हैं। मौसम विभाग ने आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है। वहीं, भाखड़ा डैम का जलस्तर खतरे के निशान से केवल तीन फीट नीचे रह गया है, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
सोमवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बात कर केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से राहत एवं बचाव कार्यों को मिशन मोड में तेज करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों, पशुपालकों और आम लोगों को तत्काल सहायता मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है जिसमें बाढ़ प्रबंधन और राहत कार्यों को लेकर अहम फैसले लिए जाएंगे। इसी बीच, कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अपने एक साल का वेतन राहत कोष में दान देने की घोषणा की है, जिसे एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।
रूपनगर जिले के श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र में नंगल भाखड़ा फीडर नहर में 12 जगहों पर धंसाव की स्थिति सामने आई है। यह नहर राजस्थान और हरियाणा को पानी सप्लाई करती है। हालांकि, स्थानीय लोगों और प्रशासन की सतर्कता से समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया।
बढ़ते जलस्तर और मौसम की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।