पंजाब में बेअदबी पर अब उम्रकैद की सजा: कैबिनेट ने बिल को दी मंजूरी, विधानसभा में होगा पेश

चंडीगढ़ | 14 जुलाई 2025:
पंजाब सरकार ने धार्मिक ग्रंथों और स्थलों की बेअदबी को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। आज मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस मुद्दे पर एक कड़ा कानून बनाने के लिए तैयार किए गए बिल को मंजूरी दे दी गई। अब इस बिल को आज ही विधानसभा में पेश किया जाएगा।
कानून का मसौदा:
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बेअदबी करने वालों को मिलेगी उम्रकैद की सजा
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कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान
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दोषी के परिवार की जिम्मेदारी भी तय करने की तैयारी
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कानून में ऐसी सख्ती लाई जा रही है कि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके
क्या है मौजूदा व्यवस्था?
अभी धार्मिक भावनाएं भड़काने या बेअदबी के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 और 299 के तहत अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि यह सजा न्यायिक रूप से अपर्याप्त है और गंभीर अपराधों के लिए प्रभावी नहीं है।
भगवंत मान का बयान:
मुख्यमंत्री ने कहा,
“हम ऐसा कानून लाना चाहते हैं जो सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाले वक्त में भी मज़बूती से लागू हो सके। इसमें कोई कमजोरी नहीं छोड़ी जाएगी। यह पंजाब के सामाजिक और धार्मिक ताने-बाने को सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी कदम है।”
आगे की प्रक्रिया:
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बिल को आज विधानसभा में पेश किया जाएगा
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पारित होने के बाद सार्वजनिक और संस्थागत सुझावों को भी आमंत्रित किया जाएगा
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अंतिम ड्राफ्ट में सभी पक्षों को शामिल कर व्यापक सहमति के साथ लागू किया जाएगा
क्यों है ये फैसला अहम?
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पंजाब में पिछले एक दशक में कई बार धार्मिक बेअदबी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं
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इन मामलों ने कई बार कानून-व्यवस्था को चुनौती दी और सामाजिक तनाव को जन्म दिया
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यह कानून ऐसे तत्वों पर नकेल कसने का प्रयास है जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा कर अशांति फैलाना चाहते हैं










