पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं पर कांग्रेस और AAP के बीच घमासान, सीएलपी नेता ने उठाए सवाल

पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं पर कांग्रेस और AAP के बीच घमासान, सीएलपी नेता ने उठाए सवाल

सेहत सुविधाओं को लेकर पंजाब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आमने सामने। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 22 अप्रैल: पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस के सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का फोकस इलाज (healing) की बजाय होडिंग्स (boards) लगाने पर है, जिससे जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है।

कांग्रेस का आरोप

सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“1,256 बोर्ड पर ₹60.64 लाख खर्च किए गए। यानी हर बोर्ड पर ₹4,830 खर्च हुए, जबकि न तो एक भी डॉक्टर नियुक्त किया गया, और न ही कोई दवाई खरीदी गई। यह है भगवंत मान सरकार का स्वास्थ्य सेवा सुधार – ज़्यादा सेल्फी, कम सेवा। पंजाब का स्वास्थ्य सेवा केवल होर्डिंग्स है, उपचार नहीं।”

उन्होंने अपनी पोस्ट में सरकार के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के दावों पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि इस खर्च के बावजूद जनता को कोई फायदा नहीं हो रहा है

AAP का जवाब

इस पर आम आदमी पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि पंजाब की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में जो गंदगी कांग्रेस सरकार ने छोड़ी थी, उस पर भी ध्यान देना चाहिए। पार्टी का कहना था कि कांग्रेस द्वारा छोड़ी गई खस्ता हालत को ठीक करने की दिशा में भगवंत मान सरकार लगातार काम कर रही है, और जो आलोचनाएं की जा रही हैं, वह असत्य और राजनीतिक मंशा से प्रेरित हैं।

AAP ने कहा,
“उंगलियां उठाने से पहले कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं का जो हाल उनकी सरकार ने किया था, उसे सुधारने के लिए हमारी सरकार कदम उठा रही है।”

राजनीतिक नोकझोक

यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार को लेकर एक गहरे राजनीतिक घमासान का हिस्सा बन चुका है, जिसमें दोनों दल एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने सरकार पर अव्यवस्था और घोटाले का आरोप लगाया, जबकि AAP ने कांग्रेस के शासनकाल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की तुलना में भगवंत मान सरकार के प्रयासों को ज्यादा सकारात्मक बताया।

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