पंजाब यूनिवर्सिटी के वर्किंग वूमन हॉस्टल में स्टूडेंट फीस से बड़ा घोटाला, एफआईआर दर्ज

पंजाब यूनिवर्सिटी के वर्किंग वूमन हॉस्टल में स्टूडेंट फीस से बड़ा घोटाला, एफआईआर दर्ज

पंजाब यूनिवर्सिटी। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमें वर्किंग वूमन हॉस्टल से जुड़ी स्टूडेंट फीस का गबन किया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है और अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घोटाले से जुड़ी कई और परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है।

60 लाख रुपए का गबन

मिली जानकारी के मुताबिक, इस घोटाले में हॉस्टल में काम करने वाली एक पूर्व डेलीवेज महिला कर्मचारी ने 60 लाख रुपए अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए थे। यह घोटाला उस समय हुआ जब वार्डन प्रोफेसर अवनीत कौर का कार्यकाल था। घोटाले का खुलासा होते ही उस महिला कर्मचारी को तुरंत नौकरी से निकाल दिया गया।

प्रारंभिक जांच और एफआईआर पर विवाद

इस मामले की प्रारंभिक जांच के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक कमेटी गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रबंधन को सौंप दी थी। हालांकि, एफआईआर दर्ज करने को लेकर लंबे समय तक विवाद चलता रहा।

  • प्रबंधन का कहना था कि एफआईआर पूर्व वार्डन प्रो. अमृतपाल कौर को करानी चाहिए, क्योंकि मामला उनके कार्यकाल का था।

  • प्रो. अमृतपाल कौर का कहना था कि यह मामला पी.यू. कैंपस से संबंधित है, और इसलिए एफआईआर प्रबंधन द्वारा दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में सभी जरूरी दस्तावेज भी प्रबंधन को सौंपे थे, लेकिन एफआईआर से पहले ही वह एससी कमीशन में चली गईं।

जज इन्क्वायरी ऑफिसर नियुक्त

इस मामले की गहरी जांच के लिए एक जज इन्क्वायरी ऑफिसर नियुक्त किया गया था, ताकि यह पता चल सके कि इस वित्तीय गड़बड़ी में और कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे। माना जा रहा है कि इतनी बड़ी धांधली एक अकेले व्यक्ति द्वारा करना संभव नहीं है, और इस घोटाले के मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

वार्डन शिप का मुद्दा

यह घोटाला प्रो. अमृतपाल कौर के कार्यकाल के दौरान सामने आया था, हालांकि उनके वार्डन शिप का कार्यकाल दो साल में ही समाप्त कर दिया गया था।

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