पंजाब विधानसभा का बजट सत्र हंगामे के बाद स्थगित, विपक्ष ने कर्नल और बेटे के मामले को उठाया
पंजाब विधानसभा का बजट सत्र आज हंगामे के बीच स्थगित कर दिया गया और यह सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। सत्र की शुरुआत में ही राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अपना भाषण देना शुरू किया, तो विपक्ष ने तीव्र विरोध करना शुरू कर दिया। कांग्रेस ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया, जिसका कारण किसान आंदोलन के दौरान पंजाब पुलिस की कार्रवाई और पटियाला में कर्नल और उनके बेटे के साथ हुई मारपीट को लेकर था।
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने जीरो ऑवर में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि 13 तारीख को कर्नल और उनके बेटे के साथ पटियाला में मारपीट की घटना हुई थी। बाजवा ने आरोप लगाया कि 12 पुलिस अफसर सिविल ड्रेस में वहां पहुंचे थे और पार्किंग को लेकर विवाद के बाद कर्नल के साथ मारपीट की गई थी, उनकी पगड़ी भी उतार दी गई। इसके बाद कर्नल ने अपनी आईडी कार्ड भी दिखाया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी।
वहीं, जालंधर से विधायक प्रगट सिंह ने स्पीकर कुलतार सिंह संधवां पर भी आरोप लगाए और कहा कि उन्होंने कहा था कि किसानों के धरनों की वजह से नशा बढ़ा है। इस पर स्पीकर संधवां भड़क गए और कहा कि उन्होंने कभी ऐसा बयान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस आधार के आरोप न लगाएं और सत्र को शांतिपूर्वक चलने दें।
बाजवा ने कर्नल और उनके बेटे के मामले को लेकर कहा कि 1992 में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जब आर्मी कमांड ने गवर्नर के सामने इस मुद्दे को उठाया था। जांच के दौरान एसएसपी की गलती पाई गई थी और उसे वापस पंजाब भेज दिया गया था। बाजवा ने मांग की कि पटियाला के एसएसपी नानक सिंह को वहां से हटाया जाए, क्योंकि वह अपने कर्मचारियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे।
इस पूरे घटनाक्रम के कारण विधानसभा में भारी हंगामा हुआ और सत्र को स्थगित करना पड़ा।