पंजाब विधानसभा के बाढ़ स्पेशल सेशन के दूसरे और अंतिम दिन में बाढ़ से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस हुई।

वित्तमंत्री हरपाल चीमा का आरोप
वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने नेता विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि उन्होंने धुस्सी बांध के अंदर जमीन खरीदी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बांध के अंदर जमीन खरीदने की जरूरत क्यों पड़ी? उनका आरोप था कि इन जमीनों पर माइनिंग का काम किया जाना था।
प्रताप बाजवा का जवाब
नेता प्रताप बाजवा ने इस पर कहा कि जमीन मालिक से सरकारी फीस देकर खरीदी गई है। उन्होंने वित्तमंत्री पर भी आरोप लगाया कि हर डिस्टलरी से मंत्री चीमा सवा करोड़ रुपए लेते हैं और हर महीने 35 से 40 करोड़ रुपए अकेले डिस्टलरियों से इकट्ठा करते हैं।
अन्य बयान और बहस
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मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि बाढ़ के समय उनके मंत्री काम करते रहे, लेकिन कोरोना के दौरान कांग्रेस के मंत्री ने घर के बाहर यह लिखवा दिया था कि वे पब्लिक मीटिंग नहीं करेंगे।
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डेरा बाबा नानक से AAP के विधायक गुरदास रंधावा और कांग्रेस MLA अरुणा चौधरी के बीच सक्के नाले को लेकर बहस हुई। रंधावा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नाले की कभी कोई बात नहीं उठाई। इसके जवाब में अरुणा चौधरी ने कहा कि विधानसभा में कमेटी बना लो, जांच करा लो, सब सच सामने आ जाएगा।










