पाकिस्तानी ड्रोन हमले में घायल लखविंदर सिंह ने दम तोड़ा, 2 महीने में पत्नी के बाद अब पति की भी मौत

लुधियाना/फिरोजपुर, 2 जुलाई 2025 — पंजाब के फिरोजपुर जिले के गांव खाई फेमे में 9 मई को पाकिस्तान से आए ड्रोन के हमले में झुलसे लखविंदर सिंह (55) ने लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में सोमवार रात दम तोड़ दिया। इससे पहले, उनकी पत्नी सुखविंदर कौर, जो 100% जल गई थीं, ने भी इलाज के दौरान जान गंवा दी थी। अब परिवार में केवल उनका बेटा जसवंत सिंह बचा है, जो अभी भी झुलसने के बाद इलाजरत है।
क्या हुआ था 9 मई को?
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7 मई को भारत द्वारा सीमा पर “ऑपरेशन सिंदूर” नाम से की गई कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से सीमा पर गोलीबारी और ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ीं।
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9 मई की रात को लखविंदर सिंह के घर पर एक पाकिस्तानी ड्रोन आकर गिरा।
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ड्रोन गिरते ही मकान की छत में छेद हो गया और फिर वह घर के बाहर खड़ी कार पर गिरा, जिससे आग भड़क गई।
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इस हमले में लखविंदर सिंह, उनकी पत्नी सुखविंदर कौर और बेटा जसवंत गंभीर रूप से झुलस गए। आग की चपेट में आंगन में खड़े मवेशी भी आ गए।
इलाज की स्थिति
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घटना के बाद स्थानीय अस्पताल में बर्न यूनिट न होने के कारण सभी घायलों को अनिल बागी अस्पताल और फिर लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
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डॉक्टरों के मुताबिक, लखविंदर 70% तक झुलस चुके थे और बीते दो महीने से जिंदगी की जंग लड़ रहे थे।
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उनकी पत्नी सुखविंदर कौर की मौत घटना के कुछ ही दिनों बाद हो गई थी, क्योंकि वे पूरी तरह जल चुकी थीं।
शोक और आक्रोश
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आज लखविंदर सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव फिरोजपुर में किया जाएगा।
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स्थानीय ग्रामीणों में गहरा शोक और आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सीमा से सटे गांवों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं हैं, जिससे आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है।
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गांववासियों ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि सीमा सुरक्षा और ड्रोन हमलों की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।










