पानी विवाद: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में आज पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई, बीबीएमबी की अहम मीटिंग

पानी विवाद: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में आज पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई, बीबीएमबी की अहम मीटिंग

भाखड़ा ब्यास जल विवाव मामले की पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई। - Dainik Bhaskar

चंडीगढ़, 14 मई 2025 – पंजाब और हरियाणा के बीच चल रहे पानी विवाद के बीच आज पंजाब सरकार द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। अदालत ने पहले 2 मई को हुई बैठक में दिए गए आदेश का पालन करने के लिए कहा था, जिसमें हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने की बात की गई थी।

पानी छोड़ने पर विवाद और बीबीएमबी की मीटिंग

वहीं, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की एक अहम मीटिंग भी होने जा रही है। इस मीटिंग में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के इंजीनियर शामिल होंगे। मीटिंग का मुख्य उद्देश्य मई और जून महीने में छोड़े जाने वाले पानी की रणनीति तैयार करना है।

बीबीएमबी चेयरमैन का हलफनामा

पानी विवाद के बीच बीबीएमबी के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने हलफनामा दाखिल किया, जिसमें उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने उन्हें और उनके अधिकारियों को डैम के संचालन में बाधा डाली। इसके बाद कोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा है कि वे उन पुलिसकर्मियों की पहचान करें जिन्होंने इस कार्य में अड़चन डाली।

घटना का समय और मुख्यमंत्री भगवंत मान का हस्तक्षेप

दरअसल, 8 मई को बीबीएमबी चेयरमैन पानी छोड़ने के लिए भाखड़ा डैम पहुंचे थे, लेकिन वहां पर आम लोग और आप नेता उन्हें पानी छोड़ने से रोकने के लिए मौजूद थे। इस दौरान उन्हें बंधक बना लिया गया था। इसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद भाखड़ा पहुंचे और उन्होंने कहा कि जब तक केंद्रीय गृह सचिव की अगुवाई में जल संसाधन मंत्री को नहीं छोड़ा जाता, तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाए।

पंजाब सरकार का तर्क और उच्च न्यायालय में कार्रवाई

पंजाब सरकार ने अदालत में तर्क दिया कि 8 मई को लाइव अदालती कार्यवाही में बीबीएमबी चेयरमैन ने माना कि वे सिर्फ स्थानीय नागरिकों से घिरे हुए थे और पंजाब पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की थी। लेकिन, 9 मई को दिए गए हलफनामे में त्रिपाठी ने विपरीत आरोप लगाया कि उन्हें गैर-कानूनी हिरासत में रखा गया था, जो उनके पहले के बयान से बिल्कुल विपरीत था।

इसके बाद पंजाब सरकार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-379 के तहत हाईकोर्ट से झूठा हलफनामा दाखिल करने के खिलाफ जांच की मांग की है। इसके साथ ही, बीबीएमबी चेयरमैन और संजीव कुमार, निदेशक (जल विनियमन) के खिलाफ अदालत की अवमानना संबंधी कार्रवाई शुरू करने की भी मांग की है।

जल विवाद और सरकार की कार्रवाई

पानी के बंटवारे को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच जारी तनाव और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह घटना दोनों राज्यों में जल प्रबंधन और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही है। पंजाब सरकार की कार्रवाई और पानी के वितरण के मुद्दे पर हाईकोर्ट की अहम सुनवाई राज्य की जल नीति और भविष्य में जल विवादों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

आज की सुनवाई और आगे की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे और दोनों राज्यों के बीच जल विवाद का समाधान किस दिशा में बढ़ेगा।

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