बठिंडा में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 11-13 फरवरी को महापंचायत का आयोजन, किसानों की MSP और अन्य मांगों को लेकर उठाया अहम कदम
पंजाब के बठिंडा में संयुक्त किसान मोर्चा ने 11, 12 और 13 फरवरी को आयोजित होने वाली महापंचायत को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह महापंचायत पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की सीमाओं पर गैर-राजनीतिक तरीके से आयोजित की जाएगी, जिसमें एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और अन्य किसान मांगों को लेकर किसानों की आवाज को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रखा जाएगा।
किसान नेताओं ने देशभर के किसान संगठनों से इस वार्ता के लिए सुझाव मांगे हैं, ताकि सरकार के साथ की जाने वाली चर्चा में किसानों की मुद्दों पर मजबूत और स्पष्ट रूप से बातचीत हो सके।
संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार द्वारा गुप्त रूप से भेजे गए कृषि मसौदे का विरोध करते हुए इसे लागू होने से रोकने का संकल्प लिया है। मोर्चा ने 12 फरवरी को होने वाली अपनी बैठक में व्यस्तता के कारण भाग लेने से मना किया और इसे पूरी तरह नकारा किया है।
इसी दौरान, दिल्ली कूच के दौरान शहीद हुए बठिंडा के गांव बल्लो के किसान शुभकरण सिंह की याद में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन भी किया जाएगा। इस समारोह में विभिन्न किसान संगठनों के नेता जैसे काका सिंह कोटड़ा, अभि मानियो कुहाड़, सुखजिंदर सिंह खोसा, लखविंदर सिंह, नसीब सिंह और गुरदास सिंह भी उपस्थित होंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा ने अन्य किसान संगठनों से खनौरी में चल रहे संघर्ष में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की है और कार्यक्रमों की योजना बनाने से पहले आपसी समन्वय की आवश्यकता को बल दिया है।