बिक्रम मजीठिया की रिमांड 4 दिन और बढ़ी, मोहाली कोर्ट में पेशी के दौरान तनावपूर्ण माहौल
मोहाली, 2 जुलाई 2025: पंजाब के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की आय से अधिक संपत्ति मामले में रिमांड 4 दिन और बढ़ा दी गई है। विजिलेंस ब्यूरो ने मोहाली कोर्ट में पेशी के दौरान दलील दी कि मजीठिया जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और उन्हें पूछताछ के लिए अन्य राज्यों में भी ले जाना पड़ सकता है। कोर्ट ने यह मांग स्वीकार करते हुए उन्हें 6 जुलाई (रविवार) तक विजिलेंस हिरासत में भेज दिया है।
कोर्ट परिसर में तनाव, सुखबीर बादल को हिरासत में लिया गया
मजीठिया की पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। उनकी गिरफ्तारी के विरोध में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ मोहाली कोर्ट पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें कोर्ट परिसर में जाने से रोका, जिसके बाद बहस शुरू हो गई और बादल को हिरासत में ले लिया गया।
इस दौरान अकाली कार्यकर्ता भड़क उठे और मौके पर हल्का हंगामा भी हुआ। सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि “पंजाब का पूरा प्रशासनिक तंत्र अरविंद केजरीवाल के कब्जे में है। सब कुछ उनके इशारे पर चल रहा है।“
मजीठिया पर 540 करोड़ की संपत्ति रखने का आरोप
बता दें कि बिक्रम मजीठिया को कुछ दिन पहले अमृतसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने आय से 540 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है। विजिलेंस ने पहले 7 दिन का रिमांड हासिल किया था, जो अब बढ़ाकर 4 दिन और कर दिया गया है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मजीठिया पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे और कुछ अहम बिंदुओं की जांच के लिए उन्हें बाहर के राज्यों में भी ले जाना पड़ सकता है।
राजनीतिक तकरार तेज
इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। शिरोमणि अकाली दल इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है, वहीं आम आदमी पार्टी सरकार ने कहा है कि कानून अपना काम कर रहा है और भ्रष्टाचार के मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
अब सबकी नजर 6 जुलाई की अगली पेशी पर है, जहां यह साफ हो सकेगा कि मजीठिया के खिलाफ जांच किस दिशा में बढ़ रही है।