बिजली गिराने मैं हूं आई…रेडियो पर जिनके गाने सुने, उन्हें सामने गाते देख दोगुना हो गया मजा

राधिका कोडवानी/इंदौर. मध्य प्रदेश में कला की नगरी कहलाने वाले इंदौर के लिए बीते रविवार की शाम यादगार बन गई. यहां सम्मान समारोह के बीच गीत-संगीत का ऐसा जादू चला की लाेग देर रात तक इसका आनंद लेते रहे. मालवा कला सम्मान समारोह में गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने गाना शुरू किया तो परिसर में मौजूद लोग उन्हे मोबाइल कैमरे में कैद करने के लिए बेकरार दिखे.

इंदौर के रवींद्र नाट्यगृह में मालवा रंगमंच समिति के मालवा कला सम्मान समारोह में फिल्म इंडस्ट्री की गायिका कविता कृष्णमूर्ति को मालवा संगीत पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यहां जितना उत्साह कविता कृष्णमूर्ति को देखने का था. उतनी ही बेकरारी उन्हें सुनने के लिए दिखाई दी. इनमें बड़ी संख्या में कुछ लोग ऐसे भी थे. जो पहली बार 90 के दशक की अपनी पसंदीदा गायिका को देखने और सेल्फी लेने पहुंचे थे. यहां खड़े रहने की जगह भी नहीं बची. 4 घंटे के इंतजार के बाद जब कविता कृष्णमूर्ति मंच पर आई तो उन्होंने 2 गानों को 4 मिनट में सुना कर प्रशंसकों का दिल जीत लिया.

इंदौर एक बहुत बड़ी पुण्य भूमि
नब्बे के दशक की मशहूर गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने कहा कि कलाकारों को जब यह सम्मान मिलता है तो वह उत्साहित हो जाते है. कलाकारों का संघर्ष बहुत होता है इसलिए उन्हें ये ही बाते मोटिवेट करते हैं. वैसे भी इंदौर एक बहुत बड़ी पुण्य भूमि है. क्योंकि, इस भूमि से अमीर खां साहब, लता मंगेशकर और कुमार गंधर्व जी का नाम जुड़ा है. लता जी मेरे लिए इंस्पिरेशनल गुरु है. बचपन से उनको सुनती आई हूं. संगीत में बदलाव आए है. अच्छा संगीत आज भी सुना जा रहा है. जनता में भी अच्छे और बुरे की समझ है. तभी तो अच्छे गीतो लोग उसे एक्सेप्ट और बुरी को रिजेक्ट कर देते हैं. एआई आया एक गाने को 10 भाषाओं में गाया जा सकता है, लेकिन वो कलाकार की जगह नहीं ले सकता. कलाकार को अपना फोकस नही भूलना चाहिए. रियाज करते रहना चाहिए.

आज के बच्चो में खूब टैलेंट
आजकल को देखकर लगता है कि बच्चो में खूब टेलेंट है. जो वह करते हैं वो हैरान करने वाला है. इसलिए, बस उन्हें सही मार्गदर्शन की करने की जरूरत है. अब इस दौर का फिर से इंतजार है. जिसमें कलाकार के रिकॉर्ड्स बिके, मंचीय कलाकारों को बहुत परेशानी होती हैं. आज हर चीज डाउनलोड की जा रही है. जिससे कलाकारों अपना मुकाम नही मिल पा रहा है. इसलिए चाहती हूं कि वो दौर फिर आए.

वन्स मोर…वन्स मोर…
प्रशंसकों की ख्वाहिश पर गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने “प्यार हुआ चुपके से” सुनाया. जब वन्स मोर की मांग हुई तो उन्होंने “बिजली की रानी” से खूब तालियां बटोरी है. कविता कृष्णमूर्ति की आवाज का जादू इंदौरियों के सिर चढ़कर बोला. जब उन्होंने पसंद ये गायक को गाते हुए देखा तो न केवल उनकी आवाज दिवाना बनाती चली गई. बल्कि उन्हें लाइव देखने की मुरादे भी पूरी हो गई. इस दौरान कई वीडियो भी बनाए.

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