मानसूनी बारिश से उत्तर भारत में तबाही, हिमाचल, हरियाणा और पंजाब में हालात गंभीर
1 जुलाई 2025: मानसून की बारिश के बाद जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल फटने, लैंडस्लाइड और जलभराव से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भारी बारिश और उसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली घटनाओं ने कई इलाकों में तबाही मचा दी है।
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से तबाही
हिमाचल प्रदेश में 1 जुलाई 2025 को 11 स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आईं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 5 लोगों की मौत हो गई है और 16 लोग लापता हैं। इसके अलावा, निर्माणाधीन टनल टूटने और 15 गाड़ियों के बह जाने की सूचना भी मिली है। इन घटनाओं से राज्य में आपातकालीन स्थिति बनी हुई है, और राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।
हरियाणा में पानी का कहर
हरियाणा में भी मानसून ने भारी तबाही मचाई है। भा.ज.पा. सांसद, मंत्री, और डीसी (Deputy Commissioner) एवं एसपी (Superintendent of Police) के सरकारी आवासों में पानी घुसने की खबर है। इन घटनाओं के बाद बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र में दो लोगों की मौत हो गई है। इस स्थिति ने राज्य प्रशासन की परेशानी बढ़ा दी है, और राहत कार्यों में देरी हो रही है।
पंजाब और चंडीगढ़ में जलभराव और हादसे
पंजाब में भी भारी बारिश से समस्या बढ़ गई है। BMW गाड़ी बरसाती नाले में फंस गई, जिससे यातायात पर असर पड़ा है। वहीं, चंडीगढ़ में सड़क धंसने के कारण एक बाइक फंस गई, जिससे दुर्घटना की संभावना भी बढ़ी। इन घटनाओं से यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
मानसून की बारिश ने जहां एक ओर गर्मी से राहत दी, वहीं इन राज्यों में प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसानों और परेशानियों ने जनजीवन को प्रभावित किया है। प्रशासन की ओर से बचाव और राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं, लेकिन हालात अभी भी नियंत्रण में नहीं आए हैं।