मूंग की ये प्रजातियां किसानों को कराएंगी मौज, खेती से पहले कर लें ये काम, 20% अधिक होगा मुनाफा

पलामू. रबी फसल के बाद ज्यादातर किसान खाली बैठ जाते हैं. इस दौरान उनका खेत भी खाली रहता है, मगर पानी की व्यवस्था होने पर इस मौसम में भी किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. इसके लिए कई किसान मूंग की खेती करते हैं. अगर आप भी मूंग की खेती करने की तैयारी में हैं तो इसके पहले अच्छे प्रभेद का चयन कर लें. इससे अच्छा मुनाफा मिलेगा.

दरअसल, किसी भी फसल का अच्छा उत्पादन पानी, खाद, दवा के उपचार से तो होता ही है, मगर किसान अच्छे प्रभेद का चयन कर उत्पादन को बढ़ा सकते हैं. मूंग की खेती किसान करने की तैयारी कर रहे हैं तो उन्हें सबसे बेहतर प्रभेद के बारे में जानना बेहद आवश्यक है. इन प्रभेद से किसान सामान्य से कम समय में अच्छा और ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.

बीमारियां भी होंगी दूर
कृषि वैज्ञानिक प्रमोद कुमार ने Local 18 को बताया कि मूंग के कई प्रभेद हैं, जिसमें कुछ अलग-अलग समय पर तैयार होते हैं तो कुछ एक साथ 80% तक तैयार होते हैं. इसमें किसानों को सबसे अच्छे प्रभेद का चयन करना बेहद आवश्यक है. उन्नत प्रभेद में ज्यादा क्वालिटी होती है. इनमें रोग रोधक क्षमता अधिक होती है. मूंग में एलोमोजेल वायरस का खतरा बना रहता है. इसके साथ पत्तों का पीला होना, पत्तों का सिकुड़ना भी एक समस्या है, जिसमें उन्नत बीज के चयन करने से अच्छा मुनाफा मिलता है.

इन प्रभेद का करें चयन
आगे बताया कि उन्नत प्रभेद के चयन में किसान पूषा विशाल, शिप्रा प्रभेद, विराट प्रभेद का चयन कर सकते हैं. इसकी खासियत है कि ये 55 से 60 दिनों के अंदर तैयार हो जाता है. साथ ही सामान्य से 20 से 25% अधिक मुनाफा होता है. ये प्रभेद पलामू और आसपास के क्षेत्रों में सबसे अच्छा मुनाफा देगा. इसके लिए किसान 10 किलो प्रति एकड़ की दर से लगा सकते हैं. पटवन कर किसान उचित कीटनाशक का प्रबंधन करें तो अच्छा मुनाफा होगा. इसको लगाने में 8 से 10 हजार प्रति एकड़ खर्च आएगा. वहीं फसल 9-10 क्विंटल तक तैयार होता है.

हरी खाद के रूप में बढ़ाएगा उर्वरा शक्ति
कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि मूंग की खेती करने से किसान 80% तक कटाई के बाद इसकी अगर खेत में जुताई कर दे तो ये हरी खाद का भी रूप ले लेता है. इससे खेत में नाइट्रोजन के साथ पोषक तत्व बढ़ जाते हैं. खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ जाती है. किसान इस बात का खास ख्याल रखें कि वर्षा होने से पहले इसकी फसल की कटाई कर लें. क्योंकि ये गरमा फसल है जो तापमान तेज होने पर तैयार होती है. इस पर अचानक पानी पड़ने से फसल फट सकती है, जिससे उत्पादन में कमी आ सकती है.

खेती से पहले जरूर करें बीज उपचार
आगे बताया कि किसी भी फसल को तैयार करने में सबसे जरूरी बीज उपचार होता है. ये इसलिए जरूरी है क्योंकि इसके करने से बीज खराब नहीं होते. रोग व्याधियां भी नहीं लगतीं. बीज उपचार करने के लिए किसान बुआई करने से एक दिन पहले बीज को उपचारित करें. इसके लिए साफ नामक दवा को दो ग्राम प्रति किलो की दर से बीज में मिक्स कर छांव में रख दें. 4 से 5 घंटा तक छोड़ दें. जिससे बीज खराब नहीं होता है और उत्पादन अच्छा होता है.

Tags: Agriculture, Farmers, Local18, Palamu news

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