मोहाली में खालिस्तान समर्थक भड़काऊ नारे और वीडियो पर पुलिस का एक्शन, पन्नू के खिलाफ मामला दर्ज

मोहाली में खालिस्तान समर्थक भड़काऊ नारे और वीडियो पर पुलिस का एक्शन, पन्नू के खिलाफ मामला दर्ज

सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू पर मोहाली में केस दर्ज। - Dainik Bhaskar

मोहाली में खालिस्तान समर्थक भड़काऊ नारे और वीडियो पर एक्शन

पंजाब के मोहाली स्थित सेक्टर-76 में अंबेडकर हाउसिंग सोसाइटी की दीवार पर खालिस्तान समर्थक भड़काऊ नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। यह नारे विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने लिखवाए थे, जिसने इसके बाद एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उसने इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है।

गुरपतवंत सिंह पन्नू का वीडियो और भड़काऊ बयान

गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो में भारतीय संविधान और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के प्रति अपनी नफरत व्यक्त करते हुए 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर पर डॉ. अंबेडकर की सभी मूर्तियों को हटाने का आह्वान किया। पन्नू ने भारतीय संविधान की धारा 25(बी) का हवाला देते हुए यह दावा किया कि सिखों को इस संविधान में हिंदू के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिससे सिखों को अलग पहचान देने से मना किया गया है।

इसके बाद, पन्नू ने दलित समुदायों से अपील की कि वे भगत रविदास की पूजा करें और हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से अंबेडकर जयंती समारोह रद्द करने की मांग की। वीडियो में पन्नू ने आने वाले दिनों में बड़ी घटना की धमकी दी, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द को खतरा होने की आशंका जताई गई है।

मोहाली पुलिस का एक्शन

इस मामले के बाद, मोहाली पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए पन्नू और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 192 के तहत मामला दर्ज किया है। एसएसपी दीपक पारीक ने पुष्टि की कि केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और सुरक्षा के उपाय

इस घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। बीजेपी और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने कहा कि वह अंबेडकर की मूर्तियों की सुरक्षा प्रदान करेंगे और पन्नू जैसी विदेश में बैठकर भड़काऊ बयान देने वालों की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने देंगे। उनका कहना था कि पन्नू केवल विदेश में बैठकर बयानबाजी करता है और उसकी किसी भी कोशिश को राज्य में सफल नहीं होने दिया जाएगा।

सांप्रदायिक सौहार्द का खतरा

यह मामला न केवल एक कानूनी मुद्दा है, बल्कि राजनीतिक और सांप्रदायिक दृष्टिकोण से भी संवेदनशील बन गया है। अगर इस तरह की घटनाओं को काबू नहीं किया गया, तो पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान हो सकता है, और राज्य की शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

निष्कर्ष

इस घटना से यह स्पष्ट हो जाता है कि खालिस्तान समर्थक संगठन और विदेशों से संचालित तत्व राज्य की सुरक्षा और सांप्रदायिक समरसता के लिए खतरे का कारण बन सकते हैं। ऐसे में राज्य की पुलिस और सरकार को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी किसी भी कोशिश को समय रहते नाकाम किया जा सके और राज्य में शांति बनी रहे।

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