लुधियाना के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू को आतंकी गुरपतवंत पन्नू की धमकी, पंजाब में अम्बेडकर जयंती को लेकर बढ़ा तनाव

लुधियाना के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू को आतंकी गुरपतवंत पन्नू की धमकी, पंजाब में अम्बेडकर जयंती को लेकर बढ़ा तनाव

लुधियाना के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू की तस्वीर के साथ वीडियो बनाकर धमकी देता आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू। - Dainik Bhaskar

लुधियाना, 16 अप्रैल: पंजाब में अम्बेडकर जयंती के मौके पर माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है। लुधियाना के आत्म नगर से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू को अमेरिका में बैठे खालिस्तानी आतंकी और ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) संगठन के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कथित तौर पर वीडियो के जरिए धमकी दी है।

वीडियो में पन्नू ने आरोप लगाया कि विधायक सिद्धू ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की रक्षा “बंदूक के बल पर” की है और अब सवाल उठाया कि “अब उनकी रक्षा कौन करेगा?” पन्नू ने यह भी दावा किया कि SFJ ने 14 अप्रैल से अंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ने की “जंग” छेड़ दी है, और जालंधर के अंबेडकर नगर को अपना अगला निशाना बताया।

पंजाब में बढ़ा सुरक्षा का खतरा
वीडियो में पन्नू ने खुला ऐलान किया कि 29 अप्रैल तक लुधियाना सहित कई जगहों को SFJ निशाना बनाएगा। इसके साथ ही उसने विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने पंजाब में 18 ग्रेनेड इस्तेमाल हो चुके होने की बात कही थी और चेताया था कि बाकी अभी बाकी हैं।

अंबेडकर जयंती पर धमकी
10 अप्रैल को SFJ ने धमकी दी थी कि पंजाब में कोई भी डॉ. अंबेडकर की जयंती न मनाए, अन्यथा धमाके होंगे। इसके बाद लुधियाना के गांव नसराली के एक स्कूल की दीवार पर अंबेडकर विरोधी और खालिस्तानी नारे लिखे गए।

कौन है आतंकी पन्नू?
गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत सरकार ने 1 जुलाई 2020 को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था।

उसका संगठन SFJ 2019 से प्रतिबंधित है, जो “खालिस्तान रेफरेंडम” के नाम पर भारत-विरोधी गतिविधियां चलाता है।

पन्नू पर देशद्रोह समेत 12 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं को भड़काने और सरकारी इमारतों पर खालिस्तानी झंडे लगवाने जैसे कार्यों के लिए कुख्यात है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
वीडियो के सामने आने के बाद पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं। लुधियाना और जालंधर सहित संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। साथ ही, अंबेडकर जयंती के अवसर पर सभी कार्यक्रमों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

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