लुधियाना में कारोबारियों की प्रतिक्रिया: केंद्रीय बजट को लेकर मिले-जुले असर की उम्मीदें

लुधियाना में कारोबारियों की प्रतिक्रिया: केंद्रीय बजट को लेकर मिले-जुले असर की उम्मीदें

लुधियाना के उद्यमी होटल पार्क में जानकारी देते हुए। - Dainik Bhaskar

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश किया। लुधियाना के कारोबारियों ने होटल पार्क प्लाजा में डिजिटल स्क्रीन के जरिए बजट को देखा और इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस बजट को लेकर कारोबारियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

बाजार में उम्मीदें

कारोबारी इस बजट को आम लोगों का बजट मानते हुए कह रहे हैं कि इससे जीडीपी में वृद्धि हो सकती है। आम लोगों को टैक्स में छूट मिलने की वजह से उन्हें उम्मीद है कि उनके पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा होगा, जिससे बाजार में पैसे का प्रवाह बढ़ेगा।

इंडस्ट्री को राहत मिलने की उम्मीद: उपकार सिंह आहूजा

चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीयल एंड कॉमर्शियल अंडरट्रेकिंग (CICU) के प्रधान उपकार सिंह आहूजा ने कहा कि ग्रीन टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए सरकार द्वारा फंड ऐलोकेट करना एक अच्छा कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि जर्मनी और अमेरिका ने प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों पर बैन लगाया था, ऐसे में भारतीय निर्यातकों को ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में मदद मिलेगी। इससे इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी।

आहूजा ने आगे कहा कि इस बजट से आम लोगों को राहत मिलेगी और यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक बदलाव साबित होगा। उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए गए 2 करोड़ रुपए के लोन प्रावधान की सराहना की और कहा कि इससे निचले स्तर के लोगों को कारोबार के अवसर मिलेंगे।

मिडिल क्लास को राहत: हनी सेठी

CICU के जनरल सेक्रेटरी हनी सेठी ने कहा कि बजट विशेष रूप से मिडिल क्लास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि 12 लाख रुपए तक की टैक्स में छूट दी गई है और 9 ऐसे उत्पादों को टैक्स फ्री किया गया है, जो ग्राहकों को राहत प्रदान करेंगे।

हालांकि, सेठी ने यह भी कहा कि कारपोरेट टैक्स में कोई रिबेट नहीं दी गई है, और इंडस्ट्री के लिए यह बजट कुछ खास नहीं था।

इस प्रकार, लुधियाना के कारोबारियों के अनुसार, बजट में आम लोगों को राहत और इंडस्ट्री के लिए ग्रीन टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाले कुछ अच्छे कदम उठाए गए हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में उम्मीदों के मुताबिक बदलाव की कमी भी दिखाई दी है।

Leave a Comment

और पढ़ें