हरियाणा: विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना में लापरवाही पर शिक्षा विभाग सख्त, अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
चंडीगढ़, 2 जुलाई 2025: हरियाणा में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के तहत लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। MIS पोर्टल पर समय पर बिल अपलोड न करने के मामले में विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को निर्देश दिए हैं कि ऐसे अधिकारियों और स्कूल मुखियाओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया जाए।
यह योजना राज्य में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है, जिसमें स्कूलों द्वारा किए गए परिवहन बजट की मांग को प्रतिमाह सीधे स्कूलों के खातों में भेजा जाता है। इसके लिए हर महीने की 15 तारीख तक बिलों का MIS पोर्टल पर अपलोड होना अनिवार्य है। लेकिन कई स्कूलों द्वारा यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की जा रही, जिससे योजना की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।
बार-बार हो रही शिकायतें
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, अप्रैल माह के बिल 15 मई तक और मई माह के बिल 15 जून तक अपलोड किए जाने थे। लेकिन कई स्कूलों के प्राचार्य या ट्रांसपोर्ट इंचार्ज समयसीमा का पालन न करते हुए 2-3 महीने देरी से बिल फोन या पत्र के माध्यम से भेज रहे हैं। इससे संबंधित शिकायतें मुख्यमंत्री विंडो पर भी दर्ज की गई हैं।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
निदेशालय ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि लापरवाही करने वाले कर्मचारियों/अधिकारियों के नाम और पदनाम निदेशालय को भेजे जाएं, ताकि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके। साथ ही अधिकारियों से यह भी पूछा गया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति न हो, इसके लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।
अब बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना की पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना अत्यंत जरूरी है और अब इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह सख्त रुख यह दर्शाता है कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग छात्र हितों से जुड़ी योजनाओं को लेकर गंभीर हैं और इसमें किसी भी स्तर पर प्रशासनिक शिथिलता को मंजूर नहीं किया जाएगा।