हिमाचल प्रदेश में बाढ़ के कारण भारी तबाही, 6 शव बरामद, राहत कार्य जारी
हिमाचल प्रदेश, 3 जुलाई 2025 — हिमाचल प्रदेश में 30 जून की रात से शुरू हुए अत्यधिक बारिश और बादल फटने के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। बुधवार को बाढ़ में 6 और शव बरामद किए गए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। वहीं, 34 लोग अब भी लापता हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। प्रशासन के मुताबिक, इन लापता लोगों के जिंदा होने की उम्मीद अब काफी कम हो चुकी है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने बताया कि 168 घरों को नुकसान हुआ है, और यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। सराज विधानसभा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां सबसे ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और लोगों के लापता होने की संख्या भी अधिक है।
सड़कें और रास्ते पूरी तरह से बह गए
सराज विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने वाली लगभग 80 प्रतिशत सड़कों और रास्तों को बाढ़ और मलबे ने बहा दिया है। इसके चलते प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में भारी बाधाएं आ रही हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने वायु सेना से 2 हेलिकॉप्टर मांगे हैं, जिनसे अब इन प्रभावित इलाकों में राशन की आपूर्ति की जा रही है।
सराज में भारी तबाही
सराज विधानसभा के विभिन्न इलाकों में बाढ़ ने तबाही मचाई है। जंजैहली से बगशयाड़ तक कई घर मलबे में दब गए हैं, जबकि कई अन्य घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। शिकारी देवी मंदिर से लेकर निचले क्षेत्रों जैसे ढींम, कटारू और केवली नाल में भी कई घर पूरी तरह से ढह गए हैं और कई घरों में मलबा भर गया है।
जंजैहली बस स्टैंड में भी बदलाव
जंजैहली के नवनिर्मित बस स्टैंड से पहले एक खड्ड ने अपना रुख बदल दिया, जिससे बस स्टैंड का कुछ हिस्सा भी कटकर बह गया। इसके अलावा, जंजैहली से एक किलोमीटर पहले बेवड़ क्षेत्र में खड्ड का पानी सड़कों पर आ गया, जिससे 8 से ज्यादा मकान पूरी तरह से तबाह हो गए। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में रेल चौक, जरोल, बगशयाड़, बोड़ीधार और कुथाह में भी कई घर जमींदोज हो गए हैं।
सरकार और प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन बाढ़ की तबाही और नुकसान का सामना कर रहे लोगों की मदद के लिए और अधिक संसाधनों की आवश्यकता महसूस हो रही है। राहत कार्य में कई संगठन और स्वयंसेवक भी मदद कर रहे हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में जीवन यापन की स्थिति बहुत ही विकट हो गई है।